उपभोक्ता ने बांसी SDO पर लगाए गम्भीर आरोप। बांसी एस ०डी ओ अधिकतर रहते हैं चर्चाओं में
ललितपुर ब्यूरो/(सुरेंद्र कुमार) जिला ललितपुर के बांसी में एक विधुत विभाग कि लचर कार्यशैली के चलते हो सकती थी अनहोनी।हम आपको बता दें कि बिजली विभाग का आम जन को लूट कि इस प्रक्रिया पर कोई भी विराम लगता नहीं दिखाई देता है। अधिकतर विधुत उपभोक्ता ज़्यादा विल आने से घुट घुट कर जीने को मजबूर हैं, वहीं विधुत विभाग ने अधिकतर लोगों को ज़्यादा विल बनाकर उनके हाथ में थमाने कि एक रीत सी बना ली है, इस पिछड़े जिला के अंदर बेरोजगार लोगों के पास कोई भी कमाई का जरिया नहीं है ऊपर से विधुत विभाग कि दबंगई के आगे उपभोक्ता जब परेशान हो जाते हैं तब वह ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं।विधुत विभाग ने हाई फाई विल बनाने कि एक रीत सी बना ली है, आज के समय में करीब 70% लोग लाईट कनेक्शन लेकर ज़्यादा विल आने का अपना दुख किसे बताएं, ज़्यादा विल आने पर वह बारंबार विधुत विभाग कार्यालय के चक्कर लगता है मगर रिजल्ट मिलता है जीरो।*बांसी एस डी ओ के द्वारा उपभोक्ता के साथ गाली गलोज और झूठी एफ आई आर करने कि दी जाती थी धमकी का लगाया आरोप।1
इसी प्रकार का वाकया 19/01/25 को जखौरा के बांसी विधुत उपकेंद्र का सामने आया है।जहां पर कस्बा बांसी निवासी किशन लाल ने बांसी विधुत उपकेंद्र पहुंचकर वहां के एस डी ओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधुत कार्यालय के सामने लगे एक पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने लगा, जब वहां खड़े लोगों ने देखा तो किसी प्रकार उसे पकड़कर नीचे उतारा, और जब इस प्रयास के बारे में लोगों ने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हो?तब उक्त उपभोक्ता ने एस डी ओ पर गंभीर आरोपों कि झड़ी लगा दी, उपभोक्ता ने बताया कि उसने अपना विल 16000 रुपया जमा किया है और किस्तों में भी यथावत अपना विल जमा किया है लेकिन उसके बाद भी उसका बिल गलत बनाया जा रहा है, बिल जमा करने के बाद भी इस माह का बिल 37000 रुपया निकला है जिससे परेशान होकर उपभोक्ता ने बांसी विधुत उपकेंद्र के सामने फांसी लगाकर जान दे रहा था जिससे भ्रष्ट एस डी ओ के कलेजे को ठंडक मिल जाए और अपनी कार्यशैली में सुधार लाने का कार्य करे।जबकि उपभोक्ता ने एस० डी० ओ० बांसी को कई बार बिल सुधारने हेतु प्रार्थना पत्र भी दिया मगर लापरवाह एस० डी० ओ० ने कोई भी सुधार कार्य नहीं कराया। जिससे परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गया, जिस कारण वह एस० डी० ओ० बांसी कार्यालय के सामने आत्महत्या करके लापरवाह एस० डी०ओ० को उसकी गलत कार्यशैली से अवगत कराना चाहता है। बांसी ही नहीं ऐसे कारनामे विधुत विभाग के हर विधुत उपकेंद्र पर देखे जा सकते हैं जहां आमजन के द्वारा विधुत विभाग के चक्कर लगाते लगाते सालों गुजर जाते हैं मगर उनके बिलों में कोई सुधार कार्य नहीं किया जाता है।बल्कि विधुत विभाग के द्वारा उपभोक्ता के साथ अभद्रता और गाली गलोज करने का कार्य किया जाता है और उसके बाद उपभोक्ता पर झूठी एफ आई आर करने कि भी धमकी दी जाती है जिससे उपभोक्ता परेशान होकर ऐसा कदम उठाने को मजबूर होते हैं।क्या विधुत विभाग को आमजन को लूटने कि खुली छूट मिल चुकी है, क्या विधुत विभाग कि ऐसी लूट प्रवृति कहां तक सही है, प्रशाशन को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को उनकी कार्यशैली को सुधारने हेतु उचित कदम उठाने अति आवश्यक हैं जिससे कि आगे ऐसी घटनाओं को बंद किया जा सके।


इसी प्रकार का वाकया 19/01/25 को जखौरा के बांसी विधुत उपकेंद्र का सामने आया है।जहां पर कस्बा बांसी निवासी किशन लाल ने बांसी विधुत उपकेंद्र पहुंचकर वहां के एस डी ओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधुत कार्यालय के सामने लगे एक पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने लगा, जब वहां खड़े लोगों ने देखा तो किसी प्रकार उसे पकड़कर नीचे उतारा, और जब इस प्रयास के बारे में लोगों ने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हो?तब उक्त उपभोक्ता ने एस डी ओ पर गंभीर आरोपों कि झड़ी लगा दी, उपभोक्ता ने बताया कि उसने अपना विल 16000 रुपया जमा किया है और किस्तों में भी यथावत अपना विल जमा किया है लेकिन उसके बाद भी उसका बिल गलत बनाया जा रहा है, बिल जमा करने के बाद भी इस माह का बिल 37000 रुपया निकला है जिससे परेशान होकर उपभोक्ता ने बांसी विधुत उपकेंद्र के सामने फांसी लगाकर जान दे रहा था जिससे भ्रष्ट एस डी ओ के कलेजे को ठंडक मिल जाए और अपनी कार्यशैली में सुधार लाने का कार्य करे।जबकि उपभोक्ता ने एस० डी० ओ० बांसी को कई बार बिल सुधारने हेतु प्रार्थना पत्र भी दिया मगर लापरवाह एस० डी० ओ० ने कोई भी सुधार कार्य नहीं कराया। जिससे परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गया, जिस कारण वह एस० डी० ओ० बांसी कार्यालय के सामने आत्महत्या करके लापरवाह एस० डी०ओ० को उसकी गलत कार्यशैली से अवगत कराना चाहता है। बांसी ही नहीं ऐसे कारनामे विधुत विभाग के हर विधुत उपकेंद्र पर देखे जा सकते हैं जहां आमजन के द्वारा विधुत विभाग के चक्कर लगाते लगाते सालों गुजर जाते हैं मगर उनके बिलों में कोई सुधार कार्य नहीं किया जाता है।बल्कि विधुत विभाग के द्वारा उपभोक्ता के साथ अभद्रता और गाली गलोज करने का कार्य किया जाता है और उसके बाद उपभोक्ता पर झूठी एफ आई आर करने कि भी धमकी दी जाती है जिससे उपभोक्ता परेशान होकर ऐसा कदम उठाने को मजबूर होते हैं।क्या विधुत विभाग को आमजन को लूटने कि खुली छूट मिल चुकी है, क्या विधुत विभाग कि ऐसी लूट प्रवृति कहां तक सही है, प्रशाशन को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को उनकी कार्यशैली को सुधारने हेतु उचित कदम उठाने अति आवश्यक हैं जिससे कि आगे ऐसी घटनाओं को बंद किया जा सके।