मूकनायक/ देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर किसी का स्वभाव अलग होता है । इसलिए कुछ लोग पल भर के लिए याद रहते हैं और कुछ लोग जिंदगी भर याद रहते हैं। मतलबी इंसान की हमदर्दी, दुश्मन की तलवार से ज्यादा खतरनाक है। हमारी आँखें अक्सर वही लोग खोलते हैं, जिन पर हम आँखें बंद करके पूरा भरोसा करते हैं !
जब किसी इंसान का बहरूपिया या दोगला चेहरा सामने आता है, तब इंसान को सबसे ज्यादा गुस्सा खुद पर ही आता है और वह महसूस करता है कि हम कितने अंधे थे कि ऐसे इंसान पर विश्वास किया और उसको पहचान नहीं पाए। बाकी जिंदगी के सफर में हिंदी वाला “सफर” करते रहिए। अंग्रेज़ी वाला “SUFFER” तो लगा ही रहेगा ।
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

