मूकनायक समाचार बालाघाट ब्यूरो-आकाश घरडे़
धान खरीदी केन्द्र मे
धान का परिवहन तथा धान का भंडारण
गोदाम मे समय पर न होने से किसानो के खरीदी केन्द्रो मे तौल की गई धान के भुगतान
मे लम्बा समय बीत रहा
वही दूसरी तरफ खरीदी केन्द्रो
मे हजारो क्विंटल धान परिवहन के लिये पडी हुई है बालाघाट मे यह भी स्थिति देखी जा रही है की कुछ खरीदी केन्द्र मे परिवहन के लिये लगातार ट्रको की आवक देखी जा रही है वही दूसरी तरफ ऐसी भी केन्द्र है जहा आज की स्थिति मे पांच ट्रक भी परिवहन के लिये नही पहुचे है ऐसी स्थिति मे राजनैतिक प्रभाव अथवा केन्द्रो के प्रभारी की सैटिंग के आधार पर ही मिलर्स तथा परिवहन कर्ता ट्रक उपलब्ध करवा रहे है। मिलर्स भी सैटिग पर कर रहे है धान का उठाव
उल्लेखनीय है की धान खरीदी केन्द्रो से धान के उठाव की जिम्मेदारी सबसे पहले जिले के मिलर्सो को सौपी गई थी किन्तु इनके द्वारा भी समय पर धान का उठाव न किये जाने के चलते धान परिवहन के लिये ट्रान्सपोटरो को जोडा गया
किन्तु अब धान खरीदी केन्द्र मे मिलर्स तथा ट्रान्स पोटर भी चेहरा देखकर तिलक लगा रहे है यही कारण है कुछ केन्द्र मे तो 50 प्रतिशत धान का परिवहन हो गया वही दूसरी तरफ कुछ केन्द्र मे 5 प्रतिशत धान का भी परिवहन आज दिनांक तक नही हो पाया है ऐसी स्थिति मे महिला स्व सहायता समूह धान केन्द्र का कार्य लेकर अब माथा पीटती हुई नजर आ रही है।
| पुराने बारदाना मे भरी धान उठाने से मिलर्स करते है परहेज..
उल्लेखनीय है धान खरीदी केन्द्र मे पुराना बारदाना भी शासन के निर्देशन पर मिलर्स के द्वारा ही प्रदाय किया गया है किन्तु खरीदी केन्द्र से पुराना बारदाना मे भरी धान को उठाने मे अब मिलर्स ही परहेज करते नजर आ रहे है और धान उठाने के पहले ही नये बारदाना की मांग करते नजर आ रहे है जिले के धान खरीदी केन्द्र मे मिलर्स से प्रदाय बारदाना की स्थिति देखी जाये तो इतने खस्ताहाल बारदाना प्रदाय किये | गये है भरी हुई धान की बोरी जमीन पर रखने मे ही बारदाना दो भागो मे विभाजित हो रहा है और इस बारदाना की वसूली भी मध्य प्रदेश स्टेट सिविल कार्पो लिमिटेड बालाघाट के द्वारा 40 रूपये प्रति नग के हिसाब से की जायेगी आज केन्द्रो की यह स्थिति है फटे बारदाना मे धान की भराई की जा रही है तथा बारदाना से धान भी फटे होने के कारण नीचे गिर रही है वही दूसरी ओर शासन के दिशा निर्देश तथा नियम के अनुसार तौल की गई धान तथा खरीदी गई अनाज की मात्रा का स्वीकृति पत्रक जारी होने के सात दिन मे भुगतान का उल्लेख है किन्तु जब परिवहन मे ही महिना से ज्यादा लगेगा तो किसान को कैसे समय पर भुगतान हो पायेगा।

