मूकनायक/ देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
97वां मनुस्मृति दहन दिवस 25 दिसम्बर, 2024 को चला गया
और
डॉ अम्बेडकर साहब के नेतृत्व में 97 साल पहले मनुस्मृति को जलाया गया था,
परन्तु
मनुस्मृति जलाने का धुआं आज भी निकल रहा है।
इसी प्रकार अमानवीय मनुस्मृति को दरकिनार कर मानवतावादी संविधान लागू हुए 75 साल हो गए हैं
और
हिंदू राष्ट्र के बहाने संविधान को खत्म करके मनुस्मृति को पुनः लागू करने की तड़तड़ाहट अभी भी लगी हुई है ताकि महिलाओं-ओबीसी-एससी-एसटी को वापस से गुलाम बनाया जा सके,
परन्तु
संविधान ने ऐसी बेड़ियां बांध रखी हैं कि संविधान विरोधी कसमसाकर रह जाते हैं।
जय भीम – जय संविधान!
बाबासाहेब आप हो महान!!

