मूकनायक राजस्थान अजमेर हेमन्त कुमार जाटवा सराना
शराब पहले तो दोस्त और बाद में दंगा बाज और अंत में नंबर एक का दुश्मन है।
जिसकी शराब से दोस्ती है उसे दुश्मन की जरूरत नहीं होती।
पहले इंसान शराब को पीता हैं। बाद में शराब इंसान को पी जाती है।कहते हैं।
कि जितने आदमी समुंद्र में नहीं डूबे हैं उतने आदमी शराब में डूब कर मर गए। शराब घर का आनंद खुशी और धन का नाश कर देती है।
शराब इंसान को अंदर ही अंदर खाकर खोखला कर देती है।
क्या शराब खराब हैं। यह आप उन औरतों से पूछिए जिनके मर्द रात में बकवास करते हुए घर लौटते हैं।
शराब शरीर का दुश्मन, मौत का दलाल, अल्प बुद्धि का मददगार ,भविष्य के लिए बेरोजगारी, औरत के लिए श्राप, औलाद के लिए शर्म, पुलिस के लिए परेशानी और पड़ोसियों के लिए काला कलंक है।
अंत में दोस्तों ,साथियों कहना चाहूंगा आप हमेशा शराब से दूर रहें।
कालू राम बैरवा जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय बैरवा महासभा जिला शाखा अजमेर, केकड़ी, ब्यावर राजस्थान

