
मूकनायक/ मध्यप्रदेशमुरैना
जिला चीफ ब्यूरो जमनादास
सबलगढ़ – संविधान की 75वीं सालगिरह पर बहस में राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डा0 बीआर अम्बेडकर के संबंध में जो अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, उन्होंने देश भर में लोगों की भावनाओं को विक्षुब्ध किया है। अमितशाह ने ये टिप्पणियां भारत के संविधान की चर्चा करते हुए की हैं, जिसके डा0 अम्बेडकर निर्माता थे। इससे उनका मनुवादी नजरिया ही बेनकाब हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह का जो बचाव किया है, निर्लज्जतापूर्ण है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मत में अमितशाह को गृहमंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।यह बात माकपा नेता मुरारी लाल धाकड़ ने अदालत तिराहे पर आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ के नारे लगाए और कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। तत्पश्चात कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगते हुए पुतला दहन किया।इस मौके पर कार्यकर्ता गण सर्व श्री माकपा तहसील सचिव अशोक राठौड़, जिला कमेटी सदस्य इसराइल खान, अरविंद सगर एवं नगर पालिका पूर्व सीएमओ मुन्ना लाल करोसिया, राजवीर कौशल, राहुल टैगोर, योगेश सागर, शिवम जाटव, बॉबी अमेरिया, बादल राठौर, अंकित राठौर, प्रियांशु जाटव, सूरज, राहुल जाटव, दीपक माहौर , सनी जाटव, राहुल जाटव,नैतिक सगर एवं समस्त नागरिक उपस्थित रहे।सभी ने आगामी दिनों में संविधान, लोकतंत्र और देश को बचाने के संघर्ष को आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

