मूकनायक/ महाराष्ट/ परभणी
प्रतिनिधि प्रवीण बैसाणे
परभणी रेलवे स्टेशन के पास बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकरजी की प्रतिमा के पास कांच में संविधान की प्रतिकृति रखी हुई थी। मंगलवार को यह प्रतिकृति खंडित पाई गई। जैसे ही यह खबर सामने आई, अंबेडकर के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर समर्थकोने परभणी शहर बंद कर दिया!और आरोपी को कठोर से कठोर शिक्षा देणे कि मांग कर रहे थे,और शहर मैं कुछ जगह पर आग लगाना, हिंसक झडप कि घटनाये कथित तौर पर हुई है!
पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। बुधवार सुबह से प्रदर्शनकारियों ने फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने एक दुकान के बाहर कुछ सामान को आग के हवाले कर दिया। भीड़ हिंसक हुई तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और प्रदर्शनकारियों वहा से हटाया था! प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय में घुसकर वहां के कांच की खिड़कियां तोड़ दीं थीं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस..
महाराष्ट्र के परभणी में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि परभणी में संविधान की प्रतिकृति को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद सरकार के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत आरोपी गिरफ्तारी की। लेकिन इसके बाद भी जो हिंसक प्रदर्शन हुए वे स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर है।
सरकार मंत्रालयों के बंटवारे में व्यस्त: नाना पटोले
परभणी हिंसा को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने सरकार को घेरा। उन्होंने परभणी के पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने और संविधान की प्रतिकृति को क्षतिग्रस्त करने वालों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को अत्याचार रोकना चाहिए। संविधान के अपमान की घटना बेहद निंदनीय है। यह डॉ. बाबा साहब आंबेडकर और संविधान का सम्मान करने वाले लाखों लोगों का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि जब परभणी जल रहा था, मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री मंत्रालयों के बंटवारे में व्यस्त थे। संविधान का सम्मान नहीं करने वाले लोग सत्ता में हैं, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने डॉ. आंबेडकर के समर्थकों के खिलाफ अमानवीय हिंसा का सहारा लिया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान इस घटना पर सरकार से सवाल पूछेगी।

