मूकनायक/ राजस्थान/ दौसा
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
दलित अधिकार केंद्र दौसा के तत्वाधान में दलित महिला नेतृत्व क्षमता वर्धन कार्यक्रम का आयोजन जैन धर्मशाला रेलवे स्टेशन के सामने में किया गया
कश्मीरा सिंह राज्य समन्वयक दलित महिला मंच राजस्थान ने केंद्र के बारे में परिचय देते हुए कहा कि दलित एवं महिलाओं पर अत्याचारों के मामलों में कानूनी हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने का प्रयास दलित अधिकार केंद्र पिछले कई सालों से करता आ रहा है दलित महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर आगे आना होगा क्योंकि दलित महिलाओं सबसे निचले पायदान पर आती हैं दलित महिलाओं को विकास के लिए कानूनी जानकारी जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर यौन शोषण अधिनियम 2013 अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1986 संशोधन 2015 के बारे में विस्तार बताया आपने पंचायती राज कि त्रिस्तरीय व्यवस्था पंचायती राज के आय के स्रोत सरपंच वार्ड पंच तथा ग्राम विकास अधिकारी के अधिकार व कर्तव्य के बारे में प्रकाश डाला तथा हमें पंचायत में जाकर प्रस्ताव लिखवा कर अपना काम करवाने की क्षमता को बढ़कर सभी को एक साथ लेकर काम करवाना भी नेतृत्व क्षमता में का गुण है और ,सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देकर आगे बढ़ने का प्रयास किया है लेकिन दलित महिलाएं इसका लाभ नहीं उठा पाती हैं साथ में कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताया कि दलित व महिला, आदिवासी जनप्रतिनिधियों चुनाव जीतकर बड़ी मुश्किलों से आते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में तथा बजट की जानकारी के अभाव में अपने क्षेत्र में काम नहीं करवा पाते हैं हमें अपने महिला जनप्रतिनिधियों को बजट पर पर प्रशिक्षण देने की जरूरत है ताकि वे अपने अपने क्षेत्रों का विकास कर सके साथ ही सरकार सरकार द्वारा पंचायती राज महिला जनप्रतिनिधियों का बजट के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाए
सुनीता देवी बैरवा दलित अधिकार केंद्र जिला समन्वयक ने बताया कि दलित महिला जनप्रतिनिधियों को कठपुतली बनकर कार्य नहीं करना चाहिए बल्कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझकर अपने क्षेत्र में विकास करवाना चाहिए साथ ही महिला जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाले जातिगत व लिंग आधारित भेदभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि एससी एसटी आदिवासी व महिलाओं के विकास के लिए सरकार को अलग से फंड गठित किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं को आगे बढ़ाने में आसानी हो सके महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा अपने बच्चों को शिक्षित जरूर बनाएं ताकि वह अपने अधिकारों के लिए लड़ सके
द्रोपती जोनवाल दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन की जिला समन्वयक ने बताया कि दलित महिला मंच ने दलित आदिवासी महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी। दलित महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा साथ ही दलित महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं में पेंशन वृद्धावस्था पेंशन विकलांग पेंशन छात्रवृत्ति योजना किशोरी बालिकाओं के लिए चल रहे उड़ान योजना सहयोगी योजना इत्यादि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया
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ललिता देवी महावर सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि हमें दलित अधिकार केंद्र के सहयोग से आगे से किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ जातिगत या प्रशासनिक स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए भी कार्यवाही पर करने में सहयोग करना होगा
नाथी देवी महावर सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि दलित महिलाओं में दलित महिलाओं में एकता की कमी के कारण काम नहीं कर पाती हैं उन्हें एकजुट होकर पंचायत स्तर पर तथा अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए आगे आना होगा तभी उसमें नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी
उक्त कार्यक्रम में दोसा सामाजिक कार्यकर्ताओं के लगभग 40 महिलाओ में ने भाग लिया तथा अपने अपने विचार रखें ।

