Thursday, February 26, 2026
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कोरगी बालू खनन क्षेत्र में गरज रहे पोकलेन, नदियों की धार को रौंद रहे हैवी वाहन

मूकनायक

सुऐब अहमद खान जिला संवाददाता

सोनभद्र

सोनभद्र – दुद्धी तहसील क्षेत्र में स्थित कोरगी बालू खनन क्षेत्र में पर्यावरण नियमों की अनदेखी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नियम विरुद्ध भारी भरकम मशीनों का प्रयोग नदियों के बीच करके जलीय जंतुओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं।बालू खनन क्षेत्र में इस तरह दोहन हो रहा है कि नदियों के सीने को मशीनों के पंजों से खरोंचा जा रहा है और नदी में बालू परिवहन करने वाले वाहन इसकी धार को रौंदते जा रहें हैं।आप को बता दें कि एक लम्बे अर्से बाद बालू की किल्लत को देखते हुए खनन निदेशालय और पर्यावरण मंत्रालय के विभागों ने दुद्धी क्षेत्र में बालू खनन का पट्टा जारी किया है तथा बालू साइट पर निर्धारित सीमा और खनन मानकों को ध्यान में रखकर ही खनन करना हैं।ताज़ा हालत यह है कि नदी के बीच में कई भारी भरकम मशीनों से बालू निकाला जा रहा हैं।इसको लेकर पूर्व में भी शिकायत समय समय पर जागरूक लोगों द्वारा की जा चुकी हैं। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी चर्चा का बाजार गर्म हैं।सूत्रों द्वारा पता चला है कि बालू साइडों पर बड़े पैमाने पर मशीनों द्वारा खेल जारी है।मानकों कि अनदेखी कर जलीय जीव जन्तु ,कछूआ आदि जैसे जलीय प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर है।वहीं कोरगी बालू साइट स्थित नदी की स्मिता भी मिटाईं जा रही है।खनन में बड़ी-बड़ी मशीनों,पोकलेन से नदी के बीच खनन‌ और मशीनों की गड़गड़ाहट से जलीय जन्तुओं एवं ग्रामीणों का जीवन परेशानियों का सबब बनता जा रहा है बालू खनन साइड क्षेत्रों में पुर्ण रुप से मानक की अनदेखी कर अवैध बालू खनन कर राजस्व को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचा रहे है।नदी कि मुख्य धारा को अवरूद्ध कर बड़ी-बड़ी मशीनों द्वारा नदी का सीना चीरकर नदी से बालू निकाला जा रहा है।जनपद में अवैध खनन को लेकर कई बार सवाल भी किया जा चुका हैं अभी कुछ दिन पूर्व ही खनन शिकायतों पर जनपद में लखनऊ की टीम भी आई थी। उसके बावजूद भी खनन नियमावली को दरकिनार करके नदी कि बीच धारा में पोकलेन और बड़ी मशीनों के जरिए उसे,ट्रकों,हाइवा और टीपरों पर लोड कर भेजा जा रहा हैं।क्षेत्रीय ग्रामीणों के मुताबिक इस बालू साइट पर धड़ल्ले से नदी कि धारा को अवरूद्ध करके बालू निकाली जा रही है।पर्यावरण मापदंडों की अनदेखी कर जलीय जन्तुओं के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि बालू खनन क्षेत्र में जलीय जन्तुओं एवं ग्रामीण जनों कि सुरक्षा कि जिम्मेदारी जिम्मेदार को निर्वहन करना चाहिए जिससे कि पर्यावरण असंतुलन ना हो।जलीय पारिस्थितिकी तंत्र ना बिगड़े।जनपद सोनभद्र खनिजों का एक बड़ा जनपद है लेकिन इसके साथ ही यहां पर्यावरण नियमों और संरक्षण को भी ध्यान में रखना होगा।अपनी जरूरतों से अधिक पर्यावरण का दोहन किसी भी प्रकार से पर्यावरण और आमजन के लिए सही नहीं है।

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