मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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कर्म वो फसल है, जिसे इंसान को हर हाल में काटना ही पड़ता है । इसलिए हमेशा अच्छे बीज बोएं ताकि फसल अच्छी हो। बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि जो धन आपने कमाया है, उसे आप भोग पाओ या ना भोग पाओ लेकिन उस धन को कमाने के चक्कर में जो कर्म किये हैं, उन्हें तो भोगना पड़ेगा!!!
वहीं धोखे से कमायें हुए पैसे को पुण्य के काम में लगाओगे तो पुण्य उसे ही मिलेगा, जिसे आपने धोखा दिया है। वाकई इंसान बहुत अद्भुत है। मूर्दो को पूजता है, अस्थियों को पूजता है, राख को पूजता है, कब्रों पर फूल मालाएं चढ़ाता है और जीवंत का तिरस्कार करता है ।
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

