मूकनायक/ देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
ये लेख उन लोगो के लिए जो बाबा साहब की दूसरी शादी को लेकर गलत बयानी करते है।
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💎💎 संविधान 📖 की रूपरेखा पूरी करने के बाद बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर को आराम की जरूरत महसूस होने लगी और वह इलाज के लिए मुंबई आ गए। बुढ़ापे में अपनी देखभाल करने वाले व्यक्ति का उन्हें साथ चाहिए था। जिस अस्पताल में बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर अपने इलाज करवा रहे थे उसी अस्पताल में कुमारी शारदा कबीर नाम की महिला डाक्टर काम कर रही थी और बाबा साहब का इलाज कर रही थी।
🟩 अगस्त 1947 में ही बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंता करने लगे थे उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा था। बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने एक पत्र में लिखा था कि पिछले 15 दिनों से उन्हें बिल्कुल नींद नहीं आ रही है रात होने पर कुछ दिनों से उनकी मज्जातंतु नामक बीमारी रात में शुरू होती है उन्हें करहाते-खांसते हुए सारी रात बितानी पड़ती है। उन दिनों बाबा साहब इंसुलिन लेते थे होम्योपैथी की दवाई भी लेते थे लेकिन उन पर किसी भी दवाई का कोई खास असर नहीं पड़ रहा था। बाबा साहब कहते की👉 “जो अच्छा नहीं होता, उसे सहन करना मैं अब सीख रहा हूं”। मेरा स्वास्थ्य यकायक गिर गया है बीमारी ने फिर से सिर उठाया है। रात भर जाग करके नौकरों को मेरी सेवा करनी पड़ती है।
👉👨🦰👩🦰 (सोचिये, सोचिये साहब, इतने महान व्यक्ति के साथ में घर-परिवार, समाज का कोई व्यक्ति बाबा साहब की देखभाल करने के लिए उपस्थित नही था इस बात की कितनी पीड़ा महसूस हो रही होगी बाबा सहाब को, की इस बहुजन समाज मे कोई ऐसा एक व्यक्ति नही है जो उनकी पूरी तरह से मन से देखभाल कर सके। कितनी विकट परिस्थिति में बाबा साहब ने दूसरी शादी के लिए निर्णय लिया होगा।) 😡😡😡😡
👉दिल्ली के डॉक्टरों ने मेरी जांच की है उनका कहना है कि अगर पैरों🦵🦵 में होने वाली वेदना तुरंत नहीं रुकी तो यह बीमारी हमेशा के लिए रहेगी और कभी अच्छी नहीं होगी मेरे स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए किसी व्यक्ति की जरूरत है।
👉👉 पहली पत्नी के निधन के उपरांत पुनर्विवाह न करने का मैंने निर्णय लिया था फिर बाबा साहब कहते हैं कि अब, दूसरा विवाह करने का निर्णय भी मैंने किया है। मुझे ऐसी पत्नी की आवश्यकता है जो गृह कार्य में दक्ष होते हुए मेरी चिकित्सा के बारे में भी मेरी पूरी तरह से मदद कर सके। बहुजन समाज में इस तरह की स्त्री मिलना असंभव होने से मैंने एक सारस्वत महिला को चुना है।
😡😡 बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर के पुनर्विवाह की जानकारी जब उनके एक सहयोगी को लगी तो बाबा साहब का वह सहयोगी बाबा साहब के लड़के यशवंत से डॉक्टर कबीर, और बाबा साहब के बारे बातें करके, बाप-बेटे के बीच मे दूरी पैदा करने की कोशिश करने लगा।
🤔🤔 बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर को इस बात का अंदेशा होने लगा कि अगर विवाह को आगे बढ़ाया गया तो उनके बारे में, लोगों में, दिन-ब-दिन ज्यादा बुरी चर्चा होने लगेगी, और दुष्ट लोग मेरी बदनामी करने के लिए बड़े समझौते करने लगेंगे।
💎💎 इसीलिए मैंने 15 अप्रैल को विवाहबद्ध होना तय किया है। बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर कहते हैं कि मुझे नहीं लगता यह बात करने में, मैं कोई नैतिक गुनाह कर रहा हूँ। शिकायत करने के लिए मैंने किसी को भी कोई जगह नहीं रखी है।
💎💎 विवाह तय होने पर डॉक्टर शारदा कबीर👩⚕️ हवाई ✈️ जहाज से नई दिल्ली पहुंची। 15 अप्रैल 1948 की सुबह 🌅 डॉक्टर अंबेडकर के दिल्ली के निवास स्थान पर डॉक्टर शारदा कबीर और डॉक्टर अंबेडकर का विवाह संपन्न हुआ।
💎💎इस विवाह के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने लिखा की, किसी रियासतदार की किसी साधारण महिला के साथ विवाह करने में जो विशिष्टता है उससे कहीं अधिक अंबेडकर के इस विवाह की विशिष्टता अधिक है।💎💎
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संदर्भ:-
- बाबा साहब डॉ आंबेडकर जीवन चरित
(धनजंयक़ीर)
लेखक :🅰️🅿️ Singh
जय भीम जय भारत जय संविधान

