Thursday, February 26, 2026
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*संविधान दिवस* हमारा संविधान कितना सुरक्षित है?

मूकनायक/ देश

*राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा*

सभी भारतीयों को संविधान दिवस की बधाई. 🌹🌹🌹🌹

भारत का संविधान आज ही के दिन यानी 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ।

संविधान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए 26 november के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

26 नवंबर का दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने और डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं का प्रसार करने के लिए चुना गया।

इस खास दिन डॉ.भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान का जनक कहा जाता है।

भारत सरकार ने पहली बार 2015 में “संविधान दिवस मनाने का फैसला किया।

भारतीय संविधान की मूल प्रति हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही हस्तलिखित है। इसमें टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया ।

बाबा साहब के लिखे हुए संविधान को अच्छी राइटिंग देने के लिए दोनों ही भाषाओं हिन्दी और अंग्रेजी में संविधान की मूल प्रति को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा था। रायजादा का खानदानी पेशा कैलिग्राफी का था। उन्होंने नंबर 303 के 254 पेन होल्डर निब का इस्तेमाल कर संविधान के हर पेज को बेहद खूबसूरत इटैलिक लिखावट में लिखा है। इसे लिखने में उन्हें 6 महीने लगे थे।

जब उनसे मेहनताना पूछा गया था तो उन्होंने कुछ भी लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने सिर्फ एक शर्त रखी कि संविधान के हर पृष्ठ पर वह अपना नाम लिखेंगे और अंतिम पेज पर अपने नाम के साथ अपने दादा का भी नाम लिखेंगे। इसी बात को लेकर कुछ नासमझ लोग कहते हैं कि संविधान प्रेम विहारी नारायण रायजादा ने लिखा है | जबकि हकीकत यही है कि रायजादा जी ने सिर्फ संविधान की इटैलिक राइटिंग में नकल लिखी है |

हीलियम से भरे गैस में रखी गई है मूल प्रति।

भारतीय संविधान के हर पेज को चित्रों से आचार्य नंदलाल बोस ने सजाया है। इसके अलावा इसके प्रस्तावना पेज को सजाने का काम राममनोहर सिन्हा ने किया है। वह नंदलाल बोस के ही शिष्य थे। संविधान की मूल प्रति भारतीय संसद की लाइब्रेरी में हीलियम से भरे केस में रखी गई है।

संविधान की कुछ रोचक बातें —

01- भारत का संविधान पूरे विश्व का सबसे बड़ा संविधान है।

02- संविधान को बनाने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे। संविधान की दो कॉपी हाथ से लिखी गई हैं, जो हिंदी-अंग्रेजी में हैं। दोनों हस्तलिखित कॉपियों पर 24 जनवरी 1950 को तब के 308 संसद सदस्यों के सामने हस्ताक्षर किए गए।

03- संविधान के अनुसार – हमारे देश का अपना कोई धर्म नहीं है. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

04- हमारा देश संविधान बनने से पहले ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाये गये एक्ट 1935 को मानता था।

05- भारत के संविधान को बनाने में डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | या यूँ कहा जाये कि संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के सात सदस्यों में से छः सदस्य कमेटी का साथ छोड़ गये थे | अतः संविधान निर्माण व ड्राफ्टिंग का सारा काम बाबा साहब को अकेले ही करना पड़ा था | इसीलिए डॉ अम्बेडकर को संविधान का निर्माता कहा जाता है।

06- भारतीय सरकार द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार जैसे कि भारत रत्न, पद्म भूषण, कीति चक्र आदि गणतंत्र दिवस के दिन ही दिए जाते हैं।

07- भारतीय संविधान में ऐसा नियम है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति व स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री देश को संबोधित (संबोधन) करेंगे।

08-संविधान की ओरिजनल प्रतियां भारत के संसद में है। जहाँ इसे हीलियम के अंदर डाल कर लाइब्रेरी में रखा गया है।

(विदित हो कि संविधान की दो प्रतियां हिन्दी अंग्रेजी में ब्रिटेन के लंदन की लायब्रेरी संग्रहालय में भी आपको देखने को मिल जायेंगी) |

09- भारत के मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां शामिल थी।

10- भारतीय संविधान द्वारा देश के नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार दिए गये हैं |

11- भारतीय संविधान का पहला संशोधन सन 1951 में हुआ था।

12- अबाइड विथ मी गाने को गणतन्त्र दिवस की परेड में बजाया जाता है।

13- indian constitution पर संविधान सभा के 284 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं जिसमें 15 हस्ताक्षर महिला के हैं।ज्यादातर हस्ताक्षर अंग्रेजी में हैं और कुछ हिन्दी में भी।
केवल अबुल कलाम आजाद ने अपने हस्ताक्षर उर्दू में किए।

14- जब भारत का संविधान बनाया गया तब उसमें जनता और प्रेस को भाग लेने की पूर्ण स्वतंत्रता थी।

15- भारतीय संविधान को बनाने के लिए संविधान सभा पर कुल अनुमानित लागत 01 करोड़ रुपए थी।

16- भारतीय संविधान के जनक डॉ भीम राव अम्बेडकर ने आज यानी 26 november 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारतीय संविधान सुपुर्द किया था।

17- भारत के राष्ट्रीय प्रतीक “सारनाथ” जिसमे शेर, अशोक चक्र, सांड और घोड़े हैं, को 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था।

18- आजकल कुछ लोग शंका जाहिर करते हैं कि सत्ताधारी बहुमत के आधार पर संविधान बदल सकते हैं | उन्हें मालूम होना चाहिये कि संविधान किसी खास मत या बहुमत से नहीं बना था | संविधान सर्व सम्मति से बना था |

19- संविधान बदलने या नया संविधान बनाने के लिए निष्पक्ष और सर्वसम्मति वाली नयी संविधान सभा का होना जरूरी है | जो साधारणतया सम्भव नहीं है |

20- सत्ताधारी पार्टी की सरकार बहुमत के आधार पर संविधान संशोधन के नाम पर संविधान को सिर्फ कमजोर कर सकती है | यह भी किसी खास वर्ग के लिये हानिकारक हो सकता है | इसके लिये आम जनमानस का सजग व जागरूक रहने की आवश्यकता है |

21- अगर सत्ताधारी पार्टी मनमानी करती है तो आम जनमानस को उस पार्टी को सत्ता से दूर करने का अधिकार संविधान में ही निहित है |

22- संविधान विरोधी सत्ता को कैसे हटाना है ? आम जनमानस को अपने अधिकारों का प्रयोग कैसे करना है ? उसके स्वयं के विवेक पर निर्भर है |

23- संविधान में भाग 3 अनुच्छेद 12 से 35 तक सभी भारतीयों यानी सभी जाति धर्म वर्ग संप्रदाय के लोगों के मूल अधिकार (फण्डामेंटल राइट्स) हैं |

24- सभी भारतीयों को संविधान की प्रति पढ़कर संविधान की जानकारी रखना बहुत उपयोगी है |

25- उपरोक्त लेखन में दूसरे लेखकों के लेखों की मदद ली गयी है |

26- किसी को लेख में कोई त्रुटि या कुछ बाकी लगता है तो उसे संविधान से मिलान कर लेना हितकारी है |
जय भारत जय संविधान।

लेखक:
डी डी दिनकर (मैनेजर)
अध्यक्ष बीएसआई
बाबा खयालीदास के पीछे
चमन गंज फफूंद
जि.औरैया (यूपी) 206247
9415771347

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