मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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युग- युगान्तर से जीवन का यही विधान है, जिंदगी ही समस्या है और जिंदगी ही निदान है । बहुत सौदे होते हैं इस संसार में, मगर सुख बेचने वाले और दुःख खरीदने वाले नहीं मिलते, पता नहीं क्यों ? लोग रिश्ते छोड़ देते हैं लेकिन अपनी जिद नहीं छोड़ते..!
अगर आप इस दुनिया व समाज से अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाने की उम्मीद रखते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एवं सदआचरण के साथ मेल-जोल और समय भी देना होगा । इसलिए दिल के अच्छे होने से बेहतर है कि आप जुबान के अच्छे हों क्योंकि लोगों का वास्ता पहले जुबान से पड़ता है, दिल तक तो कुछ खास लोग ही पहुंच पाते हैं..
लेखक:
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

