मूकनायक/ देश
“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”
दिनांक 20 जुलाई, 1942 को नागपुर में आयोजित ऑल इंडिया डिप्रेस्ड कलासेस बीमेस कॉन्फरेंस में महिलाओं को उद्देश्य कर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अपने भाषण में कहा:-
इस अवसर पर आपको परिषद में बोलते हुए मुझे अच्छा लग रहा है। शुद्र वर्ग की प्रगति और कल्याण की इच्छा रखने वाले को महिलाओं का ऐसा समुदाय देख कर जितना आनंद होगा उतनी खुशी अन्य किसी प्रसंग में नहीं होगी। 10 वर्ष पूर्व यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि 20-25 हजार की संख्या में आप यहां उपस्थित रहेंगी। महिलाओं के संगठन में बहुत अधिक भरोसा करने वालों में से मैं हूं। उन पर अगर भरोसा किया जाए तो समाज सुधार के लिए वे क्या-क्या कर सकती हैं यह मैं जानता हूँ। सामाजिक दोषों को मिटाने में उन्होंने बड़ी सेवा की है। अपने अनुभवों के आधार से भी मैं यह बात साबित कर सकता हूं। मैंने जबसे दलित वर्ग में काम की शुरूआत की तभी से पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इसमें शामिल है। इसीलिए हमारी परिषद ‘मिश्र परिषदे’ होती हैं यह आप पाएंगे।
👩🦰👩🦰 महिलाओं की प्रगति के आधार से मैं उस समाज की प्रगति को नापता हूँ।
इसलिए आज यहां इक्ट्ठा समुदाय को देख कर मुझे इस बात का यकीन होता है कि हमने प्रगति की है। आप जिन्हें अपने मन में संजोकर रख सकें ऐसी कुछ बातें मैं आपको बताता हूँ।
*साफ रहना सीखें। सभी दुर्गुणों से मुक्त रहें। अपने बच्चों को पढ़ाए। उनके मन में धीरे-धीरे महत्वाकांक्षा जगाएं। उनके मन में यह भावना जगाए कि वे महान पुरुष बनने वाले हैं। उनके मन की हीन भावना को मिटाएं। शादी करने की जल्दी न करें। शादी यानी जिम्मेदारी शादी के कारण आनेवाली आर्थिक जिम्मेदारी पूरी करने की क्षमता जब तक उनमें नहीं आती तब तक उन पर शादी लादे नहीं शादी करने वालों को ध्यान में रखना होगा कि अति बच्चे होना दुष्टता है। अपने बचपन में मिली स्थितियों सुविधाओं से बढ़कर स्थितियां सुविधाएं अपने बच्चों को देना हर माता-पिता का कर्तव्य है।
👩🦰🤝👨🦰 सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शादी-शुदा हर लड़की दोस्त बन कर पति के हर काम में उसका हाथ बटाए।
हालांकि उसे गुलामों की तरह बर्ताव करने से निश्चयपूर्वक इंकार करना होगा। समता के प्रति उसे आग्राही बनना होगा। इस उपदेश का आप पालन करें तो आपको मान-सम्मान मिलेगा और आपका नाम भी होगा। इतना ही नहीं आपके सम्मान और आपकी कीर्ति से शुद्र वर्ग को भी सम्मान और कीर्ति मिलेंगी इसका मुझे यकीन है।
:- बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर
खण्ड-39 पृष्ट 372
🙏🅰️🅿️ Singh
जय भीम जय भारत जय संविधान

