मूकनायक
देश
“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”
कांग्रेस ने भावी संविधान में उचित स्थान की दलित वर्ग की मांग की अब तक उपेक्षा की है-डॉ.अंबेडकर
8.11.1942 की शाम कामगार मैदान परेल; बम्बई में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के श्रम सदस्य माननीय डॉ.अंबेडकर ने भारत में वर्तमान नागरिक अवज्ञा आंदोलन शुरू करने के लिए गांधी जी और कांग्रेस को दोषी माना था और उसके बारे में उन्होंने कहा था कि विशेषतः सर स्णफर्ड क्रिप्स की पेशकश की दृष्टि से इसका किंचित भी औचित्य नहीं है। वर्तमान अव्यवस्था से, जो भाड़े के लोगों द्वारा की गई है, ब्रिटिश सरकार या अंग्रेजों को कोई नुकसान या क्षत नहीं होगी बल्कि स्वयं भारतीयों का अहित होगा। देश के विशाल और महत्वपूर्ण वर्ग इस आंदोलन के पक्ष में नहीं हैं और उन्हें कोई शक नहीं है यह विफल होगा।
जहां तक दलित वर्गों का संबंध है, उन्होंने आंदोलन में कोई भाग नहीं लिया था और वे ले भी नहीं सकते थे। कांग्रेस के नेता मुस्लिमों को राजी करने के लिए बहुत आतुर थे। उन्होंने समझौता करने के लिए मुस्लिम नेताओं से अनेकों बार संपर्क किया था, उन्होंने देश के भावी संविधान में उचित स्थान की दलित वर्ग की मांग की अब तक उपेक्षा की है। कांग्रेस मुसलमानों को साथ लेना चाहती थी क्योंकि मुस्लिम ताकतवर और संगठित थे। दलित वर्ग की उपेक्षा की गई थी क्योंकि वे पर्याप्त मजबूत और सुसंगठित नहीं थे। डॉ.अंबेडकर ने उनसे आग्रह किया कि वे अखिल भारतीय अनुसूचित जाति फेडरेशन के माध्यम से संगठित होकर एवं अपनी स्वयंसेवी सेना को सबल बनाकर स्वयं को भी राजनीति दृष्टि से मजबूत बनाएं। उन्होंने उन्हें सलाह दी थी कि वे वर्तमान राजनीतिक आंदोलन से स्वयं को दूर रखें।
संदर्भ : बाबासाहेब डॉ.अंबेडकर संपूर्ण वाङ्मय खंड 37 पृष्ठ 285-86
संकलन: डॉ के पी आज़ाद प्रोफेसर रीवा मध्यप्रदेश
7898172526

