# रेंजर ज्योति गुप्ता का बड़ा दावा ~ पुष्कर क्षेत्र में बीते एक महीने से घूम रहा पैंथर अभी भी मौजूद । मरने वाला पैंथर दूसरा है , बूढ़ा होने के चलते गाड़ी से टकराया •••
मूकनायक राजस्थान अजमेर कालू राम बैरवा
पुष्कर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में बीते कुछ महीनो से दहशत का पर्याय बन चुका पैंथर आज भी जिंदा है और इसी इलाके में घूम रहा है । जी हां यही सच है । पुष्कर रेंज की क्षेत्रीय वन अधिकारी ज्योति गुप्ता ने मूकनायक से हुई खास बातचीत के दौरान बताया कि कल शाम गाड़ी से टकराने के बाद जिस पैंथर की मौत हुई थी वह दूसरा पैंथर था । जो कि उम्र से बूढ़ा होने के कारण अचानक से गाड़ी से टकरा गया जिसके चलते एक्सीडेंट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई । एक्सीडेंट में दम तोड़ने वाले पैंथर का आज पुष्कर स्थित वन विभाग में बकायदा तीन डॉक्टर्स की टीम को मिलाकर गठित किए गए मेडिकल बोर्ड के द्वारा न सिर्फ पोस्ट मार्टम कर मृत्यु का कारण पता लगाया गया बल्कि विभाग के अधिकारियों एवं डॉक्टर्स की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया ।
क्षेत्रीय वन अधिकारी ज्योति गुप्ता ने बताया कि हादसे में दम तोड़ने वाले पैंथर की उम्र लगभग 11 वर्ष थी । जो कि बूढ़ा होकर अब अपनी उम्र की ढलान पर था । यह नर पैंथर था जो संभवत झाड़ियों में से निकलकर रास्ता पार कर रहा था । लेकिन तेज गति से जा रहे अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया जिसके चलते उसकी मौक पर ही मौत गई । अब वन विभाग की टीम उस अज्ञात वाहन का पता लगाने में जुटी है ताकि वन्य जीव अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सके ।
# आम जनता से अपील ~ अभी भी पुष्कर क्षेत्र में है पैंथर की मौजूदगी , सचेत रहकर करे अपनी जानमाल की रक्षा •••
वन अधिकारी गुप्ता की माने तो बीते कुछ महीनों से जो पैंथर पुष्कर सहित आसपास के ग्रामीण इलाको के सक्रिय है वह अभी कम उम्र का होने के चलते जवान है । वैसे तो वह अपनी सीमा क्षेत्र की पहाड़ियों में ही ज्यादातर समय रहता है लेकिन कभी कभी भूखा होने पर आसपास के खेतों में या रास्ता क्रॉस करने पर नजर आता रहता है । इसलिए उसकी मौजूदगी अभी भी इस क्षेत्र में बनी हुई है । उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे हमेशा समूह में रहे , सचेत रहे । पैंथर की मौजूदगी का अहसास होते ही वन विभाग को सूचित करें ताकि उसे सुरक्षित पकड़कर अन्यत्र छुड़वाया जा सके । आपको बता दें कि आम लोगो को जागरूक करने के लिए वन विभाग द्वारा अब कई इलाकों में जाकर लोगों को इससे बचने के बारे में जानकारियां देने की कोशिश भी की जा रही है ।

