Thursday, February 26, 2026
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*बटेंगे तो कटेंगे* मूलनिवासी तो हमेशा से ही मरता आया है उसने मरना सीख लिया है…….

मूकनायक / देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा

साथियों कल 16 नवंबर 2024 को दिल्ली में सनातन धर्म कि तरफ से एक बहुत बड़ा कार्यक्रम हुआ जिसकी अध्यक्षता देवकीनंदन महाराज जी कर रहे थे उस में उनकी मांग थी कि सनातन धर्म का एक बोर्ड बनाया जाये. यह टीवी पर सीधा प्रसारण था हो सकता आपने भी देखा हो!

जहाँ तक मैं समझ पाया उनका एजेंडा था कि सनातन धर्म (हिन्दू धर्म ) कि सभी जातियों को इक्क्ठा किया जाये और मुस्लिम समाज को भारत से भगाया जाये!गाय कि रक्षा हो!हिन्दू खतरे में है आदि आदि

अब सवाल यह है कि अगर मुस्लिम विदेशी है तो ब्राह्मण भी विदेशी है अगर मुसलमान को भारत से भगाया जायेगा तो फिर ब्राह्मण को भी भारत से जाना होगा!
भारत के संविधान के अनुसार जहाँ तक मेरा मानना है बिना किसी कि मर्जी के उसे दूसरे देश में नहीं भेजा जा सकता उस व्यक्ति के ऊपर उसी देश में उस पर अत्याचार तो किया जा सकता उसको जान से मारा जा सकता है पर उस व्यक्ति कि मर्जी के बिना उस से देश नहीं छुड़वाया जा सकता बसरते उस व्यक्ति ने कोई घिनोना कार्य न किया हो!

अब सनातन धर्म व भाजपा द्वारा नारा दिया जा रहा है कि एक हो जाओ बँटोगे तो कटोगे एस सी, एस टी, ओबीसी से एक होने को कहा जा रहा है! यह बात समझ से परे है कि बंटेंगे तो कटेंगे कौन? बंट जाने पर क्या एस सी, कटेंगे, एस टी, कटेंगे, ओबीसी कटेंगे, या ब्राह्मणवादी
कटेंगे यह ये लोग स्पस्ट नहीं कर पाए!

हजारों साल पहले उन्होंने मनुस्मृति के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य को जातियों में बाँट दिया!उनको मुलभुत अधिकारों से वंचित रखा उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया, हजारों साल तक उनका उत्पीड़न हुआ!इंसानियत को शर्मसार करने वाले लोग मनुष्य को बाँट कर आज फिर सभी को एक होने का आह्वान कर रहे हैँ!आखिर क्यों?
मूलनिवासी तो हमेशा से मरता आया है उसने मरना सीख लिया है

बाबा साहब और अंग्रेज न आते तो शूद्रों कि सिथिति में शायद ही कोई सुधार होता! सभी विद्वान्, सभी महात्मा, आचार्य, भगवान सब ने शूद्रो का उत्पीड़न देखा है पर उनके लिए किया कुछ नहीं

क्या आज तक कभी किसी सनातन धर्म के किसी ठेकेदार या शांकराचार्य आदि ने कभी कोई लिखित या मौखिक कोई ग्लानिभरा पत्रक शूद्रों के नाम से लिखा कि हमारे पूर्वजो ने आपके पूर्वजो के साथ अमानवीय व्यवहार किया है उनका उत्पीड़न किया है और उनके वंशज होने के नाते आपसे ह्रदय पटल कि गहराइयों से आप से उनके किये गए अपराधों कि माफ़ी मांगते हुए और आपको इंसान समझते हुए हमारे पूर्वजों द्वारा छलबाल से अर्जित कि गई सम्पति का भाग आपको देते हैँ!कभी मरहम लगाने का काम किया हैँ क्या? मेरे हिसाब से तो आज तक नहीं!

फिर आज एक होने का यह नाटक क्यों? हिन्दू खतरे में है! कौन सा हिन्दू? एस सी, एस टी, ओबीसी हिन्दू नहीं है आपने उन्हें तो हजारों जातियों में बाँट दिया अब वो अपनी जाति को ही धर्म मानने लगे हैँ

अब सवाल यह हैँ कि हिन्दू हैँ कौन? हिन्दू वो हैँ जो 15%होते हुए देश के 90% भूभाग पर कब्ज़ा जमाये बैठा है हिन्दू वो है जिसने मंदिर व्यवस्था पर 100% कब्ज़ा किया हुआ है!हिन्दू वो है जिसने न्यायइक व्यवस्था पर 95% जज बन कर बैठा है!हिन्दू वो है जो विधायका में कब्ज़ा जमाये बैठा है! हिन्दू वो है जो मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व पत्रकारिता पर कब्ज़ा जमाये बैठा है
शूद्र को कभी हिन्दू माना ही नहीं गया
उसका तो इस्तेमाल हुआ है कभी युद्ध के लिए कभी अपने कार्यों कि मुफ्त में पूर्ति के लिए और कभी वोट लेकर सरकार बनाने के लिए!

दरअसल अब माजरा क्या है हमें उसे समझना चाहिए मूलनिवासी /शूद्र /बहुजन पढ लिख कर इनको और इनके धार्मिक ग्रंथो में भरी हुई गंदगी को समझते हुए हिन्दू धर्म को त्यागता जा रहा है जिसे से इनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है शूद्र /मूलनिवासी बहुजन का झुकाव बाबा साहब कि तर्ज पर बुद्ध, इस्लाम, सिख, ईसाई धर्म व अन्य धर्मो कि तरफ हो रहा है इस से इनकी बेचैनी बढ़ी हुई है कि अगर एससी, सटी, ओबीसी ने खुद को हिन्दू मानने से मना कर दिया तो हिन्दू धर्म खुद अल्पसंख्यक बन जायेगा!अपने को बचाने के लिए कह रहे हैं कि बँटोगे तो कटोगे!इतिहास गवाह है मुस्लिम समाज, सिख समाज, ईसाई समाज ने कभी किसी शूद्र को प्रताड़ित नहीं किया इसका जीता जागता उदाहरण मुगलों के 700 साल का शासन है

साथियों हमारे लिए कोई नहीं लड़ेगा हमें तो खुद ही खुद के लिए लड़ना होगा भर्मित न हो शांत रहें! आपको कोई नहीं काटेगा संविधान आपकी रक्षा के लिए सदैव खड़ा है जो बाबा साहब का आशीर्वाद बनकर आपके लिए हमेशा रहेगा!
Don’t worry be happy

लेखक: सामाजिक चिंतक , एक्टिविस्ट, रोहताश कुमार आजाद चंडीगढ़
9988511284

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