Thursday, February 26, 2026
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नेताओं की मूर्खता

मूकनायक/ देश

“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”


आज कल की सरकारों में मूर्ख नेताओं की कमी नहीं है | जनता इनकी मूर्खता में उलझी हुई है | असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिये सरकार क्या क्या कर रही है और कौन सा नेता किस तरह राज कर रहा है |

काका हाथरसी की कविता से समझिये

पंच देव पुल पर खडे़ पाँच अनोखे व्यक्ति
परिचय अपना दे रहे किसमें कितनी शक्ति |
किसमें कितनी शक्ति एक था उनमें अंधा
शेष चार थे बहरा लूला लंगड़ा नंगा |
बहरा बोला यकायक ध्यान देव उस ओर
साफ सुनाई पड़ रहा डाकू दल का शोर |
डाकू दल का शोर कसम अंधे ने खाई
वह देखो बारह डाकू पड़ रहे दिखाई |
लंगड़ा बोला भाग चलो वरना मर जायें
लूला कहने लगा कि दो दो हाथ जमायें |
तब नंगा चिल्लाया तुम कुछ नहीं करोगे
लगता है सब मिलकर हमको लुटवा दोगे |
यही हाल हमारे देश के नेताओं की बयानबाजी भाषण बाजी और कार्यशैली का है |
नेता जी ने कहा है –
सेहत बनाने के लिए पैदल चलना जरूरी है | आज कल डिजिटल जमाना है, इसलिये पैरों से नहीं दिमाग से ही पैदल चलें |
रेसलर बनने के लिये शेर छाप बीड़ी पीजिये |
यमुना नदी का किनारा बाढ़ से प्रभावित , मंत्री जी काठमांडू पहुँचे |
मणिपुर के हाल बेहाल, प्रधानमंत्री का अमेरिकी दौरा सफल |
गोरक्षा समिति की अनुदान राशि बढ़ाई गयी, बीफ निर्यातक देशों में भारत का उच्च स्थान |
देश में भुखमरी गरीबी रेखा में भारत का स्थान बंगला देश से भी नीचे, भारत की जीडीपी बढ़ी |
देश के सरकारी स्कूलों की हालत खराब, सरकारी स्कूल बंद करने के लिए सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव किये |
गरीबों की पूरी की पूरी बस्ती आग की चपेट में , उधर देखो नयी मिसाईल से पड़ोसी देश थर-थर काँपे |
सरकार के नये नियमों के विरोध में जनता का आन्दोलन जारी, विरोधियों के घराें पर बुलडोजर गरजा |
बाढ़ से पूर्वोत्तर राज्यों में भीषण तबाही, प्रज्ञान रोबर अब भी चाँद की सतह पर ठीक स्थिति में |
देश में चायनीज सामान का बहिष्कार, देश में चायनीज सामान का आयात बढ़ा |
चीन अमेरिका पीओके खरीदने की फिराक में , पीओके आ रहा है भारत के कब्जे में |
किसान विरोधी बिल के विरोध में किसानों का बड़ा आन्दोलन, सरकार ने आन्दोलन मार्ग पर कीलें गाड़कर किसानों को बातचीत के लिए बुलाया |
बेटी बचाओ अभियान शुरू, बेटियाँ तीर्थ स्थानों, स्वघोषित संत गुरुओं, महिला आश्रम, नेता विधायक मंत्री के संरक्षण में या पुलिस अभिरक्षा में भी सुरक्षित नहीं |
शहर के बीचो बीच खड़ी है मस्जिद, हिन्दू धर्म खतरे में |
आरक्षण के कारण हिन्दुओं को नौकरियां नहीं मिल रही, निजीकरण ही सही विकल्प |
छः लाख वाला एससी पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर अमीर, आठ लाख का उच्च वर्ग EWS गरीब |
अस्सी करोड़ जनता को निर्धनता भुखमरी के कारण मुफ्त का राशन देना पड़ रहा है मँहगा, मित्र पूँजीपतियों को मजबूत करना देशहित में जरूरी |
सरकारी उपक्रमों में लाभ की कमी, उन्हें बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है |
शिक्षित जनता सरकार से सवाल करती है, शिक्षा के साधनों को मँहगा करना सरकार की मजबूरी |
सरकारी अस्पताल डाक्टर और सरकारी दवाओं के खर्च से सरकार की मुशीबत बढ़ी, प्राइवेट अस्पताल ही अच्छे हैं |
लेबर मजदूर दिनभर काम करके थक जाते हैं | थकान मिटाने के लिये पौवा लेने के लिये उन्हें दूर न जाना पड़े, नेताजी (मंत्री जी) ने नजदीकी गाँव व कस्बे में शराब का ठेका खुलवाने की जरूरत बतायी |
हमारे देश में रोजगार की कमी नहीं है | पकौड़ा तलकर बेचना अच्छा रोजगार है |
हमारे देश का गरीब से गरीब आदमी भी 15 लाख मिलने के इन्तजार में |
नेताजी बताते हैं , देश तरक्की कर रहा है | यहाँ फकीर भी 8000 करोड़ के विमान पर उड़ता है |
देश में वृक्षारोपण अभियान शुरू, 50 नेताओं ने फोटो खिंचवा कर एक अंगूर का पौधारोपण किया |
देश में ईंधन की कमी नहीं है, हर घर के किनारे नाली है | नाली की गैस से मुफ्त के ईंधन से चाय बनायी जा सकती है |
मन्दिर मस्जिद के सामने नारेबाजी से महोल खराब, नेताजी ने बताया विदेशी साजिस से इनकार नहीं किया जा सकता है |
देश में चारों तरफ हत्या बलात्कार लूटपाट चोरी साम्प्रदायिक दंगे, सरकार की जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी लागू |
पहले हमारे पुरखे कहते थे कि –
पढ़ोगे लिखोगे तो आगे बढ़ोगे |
आजकल के नेता कहते हैं कि –
बँटोगे तो कटोगे |
परिवार नियोजन जनसंख्या नियंत्रण की खर्चीली व्यवस्था है | बिना जनसंख्या नियंत्रण के समाजवाद की कल्पना अधूरी है |
उसका उपाय भी नेताओं ने सोच रखा है |
हम झोपड़ियाँ हटायेंगे
महल बनवायेंगे
तब गरीब बेचारे
फुटपाथों पर सोयेंगे |
मिट्टी फाँकेंगे
और हवा खायेंगे
तब वे बीमार
अवस्य ही पड़ेंगे |
जब वे दवा लेने जायेंगे
सरकारी अस्पताल में तो
पहले तो डाक्टर
उन्हें दवा देगा ही नहीं |
और अगर दे भी दी तो उसमें
निन्यानवे परसेन्ट पानी
और एक परसेन्ट
चूना होगा |
गरीब बेचारा भूख और
बीमारी से अवस्य ही मरेगा
तब रह जायेंगे धनवान देश में
और समाजवाद आ जायेगा |
जनसंख्या नियंत्रण भी
आसानी से हो जायेगा |
मूर्ख वो नहीं जो अपनी मूर्खता को समझता है |
मूर्ख वो है जो अपनी मूर्खता को बुद्धिमानी समझता है |
सबसे बड़ा मूर्ख वह है जो इन मूर्खों की बात पर भरोसा करता है |

लेखक:डी डी दिनकर मैनेजर
अध्यक्ष बीएसआई फफूंद
जिला औरैया यूपी

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