मूकनायक/ देश
“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”
“ गत पिछले सप्ताह में, झांसी के मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में लगी आग में झुलस कर कालकल्वित हुऐ नौनिहालों का क्रंदन क्या हमें सोने देगा? हमें चैन से जीने देगा? हर चीख पूंछ रही है कि हमें उस समाज ने जन्म दिया जिस की नादानी पूर्ण कृत्य ने ,हमें जिन्दा जला कर मार डाला? हमारे मां -बाप, परिजनों ने अगर संविधान प्रदत्त मताधिकार का सम्यक उपयोग कर सुयोग्य जन प्रतिनिधियों को चुना होता , सुयोग्य मानव मूल्यों एवं मानवीय अनुभूतियों से परिपूर्ण सरकार का चयन किया होता , सुव्यवस्थित मानवीय व्यवस्था को प्रदान करने बाली सरकार के शासन -प्रशासन को भ्रष्टाचार रहित , देशभक्त बनाया होता ,तो आज हम जिन्दा होते………? हमारा क्या हम तो जल कर रौरव आग की लपटों में झुलस कर कालकल्वित होगये,अब तो भविष्य की पीढ़ी के लिए , हमारे भविष्य में आने बाले बहन -भाइयों के लिए कुछ तो नया किजिए?”नौनिहालों के जन्म के पहले, खुशहाली प्रदान करने वाली , मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण सदाचारी ,सम्यक मानवीय व्यवस्था परिवर्तन करने वाली ,”खुशहाल “सरकार -बनाओ! क्या यह कर सकोगे? “किसी भी समाज में,बुजुर्ग के कंधे पर, उसके जवान बेटे की अर्थी के बोझ से भारी है,भयाभय है,अपने ही बच्चों को जिन्दा जला देने का रौरव, विभत्स, अपराध ?” इस वीभत्स धटना का असली गुनहगार,कोन है ? क्या लोकतन्त्र की मालिक! जनता-जनार्दन है,जिसने संविधान प्रदत्त मताधिकार का दुरोपयोग कर निकम्मी,अंधी-गूंगी-बौद्धिक विकलांग सरकार चुनने का गुनाह किया है? कब हमारी मानवीय सोच, मानवीय संवेदनाएं बापिस लोटेंगी? आइए! मानवीय मूल्यों एवं मानवीय अनुभूतियों युक्त , प्रबुद्ध प्रज्ञा शील भारत का निर्माण करें। संकल्प लें ! कि भविष्य में हम कभी संविधान प्रदत्त मताधिकार का दुरोपयोग नहीं करेंगे ,कभी भी एसी भ्रष्ट,बहरी-गूंगी, बुद्धि से विकलांग, धर्मभीरु प्रतीत्यसमुत्पाद से परे,घ्रणा ,नफरत फैलाने वाली सरकार नहीं बनायेंगे? हम अपने आसपास भ्रष्ट नेताओं,भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों/कर्मचारीयों का सामाजिक वहिष्कार करेंगे?क्या हम यह “विनम्रअवज्ञा अभियान ” चला पायेंगे ? भवतुसब्बमंगलम्l
लेखक: सामाजिक चिंतक,भगवत प्रसाद काछी झांसी, मूकनायक

