Thursday, February 26, 2026
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क्या सी डी एस (Cheif Justice Of Defence Service)का पद संवैधानिक है……

मूकनायक

देश

*राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा*

1.क्या सी डी एस (CDS- Chief of Defence Services) पद
बनाया गया जो भारत का संविधान के अनुच्छेद 53 (2) का उल्लंघन

2.क्या भारत सरकार सेवाओं में परीक्षा न लेते हुए लेटरल एन्ट्री द्वारा अनारक्षित वर्ग की नियुक्ति करना भारत का संविधान के अनुच्छेद 320 (1)
का और मूल अधिकार अनुच्छेद 16(1&2) और 16(4) का उल्लंघन।

3.क्या संविधान सभा rejected काॅलेजिएम और
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति काॅलेजिएम द्वारा करना भारत का संविधान के अनुच्छेद 124 का उल्लंघन है ?

UPSC IAS, IPS .अन्य पदों की परीक्षा के द्वारा नियुक्तियां करता है, ठीक उसी तरह संसद को अनुच्छेद 312 के अनुसार संघ न्यायिक सेवा आयोग का गठन करके उच्चतम और उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति करना चाहिए, जो संविधान सम्मत है और जिससे सभी नागरिकों को अवसर और स्टेटस की समता प्राप्त होंगी.।

  1. क्या ईडब्लुएस EWS भारत का संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 का उल्लंघन है ?

5.क्या उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया ई व्ही एम से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है, इसके बावजुद
ई व्ही एम के इलेक्ट्रॉनिक वोटो (न दिखनेवाले) की 100% गिनती करना और व्ही व्ही पी ए टी मशीन के पेपर ट्रेल (दिखनेवाले) वोटो की 100% गिनती नहीं करना और चुनाव परीणाम घोषित करना या बॅलेट पेपर से चुनाव नहीं कराना।
भारत का संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधीत्व अधिनियम 1951 की धारा 59 का उल्लंघन है ?

6.क्या निजीकरण (Privatisation)
भारत का संविधान के अनुच्छेद 39 (बी&सी) और 41 का उल्लंघन।

7.क्या लोगो की हत्याए होना ,
भारत का संविधान के अनुच्छेद 21 मूल अधिकार का उल्लंघन.।

8.राज्य का कर्तव्य है शिक्षा देने का ,
क्या पाठशाला चलाने के लिये ठेकेपर दिया जाना , भारत का संविधान के अनुच्छेद 21अ मूल अधिकार का और अनुच्छेद 41 का उल्लंघन है ?

9.अनुसूचित जाति और जनजाति का उपवर्गीकरण करना भारत का संविधान के अनुच्छेद 15,16,17, 330, 332, 335 और 341 का उल्लंघन है ? लोकतंत्र या कोई भी संविधान अलोकतांत्रिक समाज में जीवित नहीं रह सकता हैं | डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर.संविधान ही जीवन है। इसे अपनाएं और अमल में लाएं खुद भी पढ़ें और दूसरों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें। संविधान शरणम गच्छामि
आओ सविधान की शरण में जाएं और अपने हक अधिकार और कर्तव्य का भारत बनाएं।
लेखक :: संविधानवादी, एक्टिविस्ट, साहित्यकार रवि शेखर बौद्ध, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ बी आर अंबेडकर जल कल्याण विकास जागरण मंच तहसील मवाना, जिला मेरठ उत्तर प्रदेश

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