चक्रवर्ती सम्राट अशोक विजयदशमी के पवित्र पावन अवसर पर भारत के करोड़ों शोषित, वंचित और पिछड़े समाज के मसीहा, आधी आबादी के उद्धारक भारतरत्न परम पूजनीय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मभूमि स्मारक पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी,भीमजन्मभूमि स्मारक महू के अध्यक्ष भंते प्रज्ञाशील जी की अगुवाई में समिति सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओ, आंबेडकर अनुयायियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में पावन अस्थि कलश और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सामूहिक बुद्ध वंदना किया और श्रमदान भी किया गया।
विदित हो कि इसी दिन 14 अक्टूबर पर नागपुर में बाबासाहेब आंबेडकर जी ने भव्य समारोह में अपने पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धम्म को अपना लिया था और सम्राट अशोक के बाद देश में सनातन धम्म को पुर्नस्थापित करने वाले महामानव बने। बाबासाहेब के साथ उनके 5 लाख से ज्यादा अनुयायियों ने भी बौद्ध धम्म की दीक्षा ग्रहण की यही पर बाबासाहेब ने अपने अनुयायियों को बौद्ध धम्म में दीक्षा दिलाने के बाद 22 प्रतिज्ञाएं भी दी थी।
ये जगह दीक्षाभूमि के नाम से विश्व प्रसिद्ध है जहां पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में लोग बाबा साहब अंबेडकर जी को नमन करने आते हैं।
बौद्ध इतिहास में महान सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध में विजय प्राप्ति के दसवें दिन युद्ध की भयंकर त्रासदी से व्याकुल मन को शांत करने का प्रण किया और प्रायश्चित स्वरूप इसी दिन तथागत बुद्ध के शरणागत हो गए। समानता, मैत्री और शांति के आगाज के रूप में इस दिन को देशभर में सम्राट अशोका विजयादशमी(दशहरा) और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कालांतर में अश्विन पूर्णिमा के दिन ही विश्वगुरु तथागत सम्यक सम बुद्ध ने सारनाथ में पंचवर्गीय भिक्खुओ को पहला उपदेश देकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया था। जिसमें उन्होंने प्रतित्य समुत्पाद और आर्य अष्टांगिक मार्ग का सिद्धांत दिया था।
देश के करोड़ों लोगों की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक प्रगति और विकास में इस विशेष दिन की सर्वोच्च मान्यता है।
नागपुर स्थित दीक्षाभूमि पर इस दिन और 14 अक्टूबर के दिन देश के कोने कोने से लाखो अनुयाई नमन करने प्रतिवर्ष पहुंचते है।
जातिगत दलदल से बाहर निकालने और शांति, करुणा, मैत्री का धम्म देकर भय, आडंबरमुक्त खुशहाल जीवन के लिए बाबासाहेब को नमन करने उनके जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी हजारों की संख्या में पहुंचकर लोग अपनी कृतज्ञता अर्पित करते हैं।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र वाघमारे, श्रीमती स्नेहलता कर्डक, जगनराव वानखेड़े, राहुल हिवरे, प्रकाश मुक्तिकर, सामाजिक कार्यकर्ता दिनकरराव अंभोरे, मनीष हिवरे, भास्कर हेरोडे सहित बड़ी संख्या में अम्बेडकर अनुयायियों ने माल्यार्पण कर नमन किया।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी राजू कुमार अंभोरे ने दी।

