मूकनायक
राजस्थान/ बूंदी
राकेश कुमार
अंबेडकर पार्क लाखेरी में मान्यवर कांशीराम का परिनिर्वाण दिवस में मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर,कैंडल जलाकर मनाया गया l इस अवसर में मान्यवर कांशीराम जी का जन्म 15 मार्च 1934 पुण्यतिथि 9 अक्टूबर 2006 मनाया जाता है मान्यवर कांशी राम एक ऐसा महापुरुष जिसने बाबासाहेब के चंद शब्दों को सुनकर अपना कारवां शुरू किया था। बाबासाहेब के वह शब्द कि मैं यह कारवां आंधी और तूफान से निकालकर लाया हूं।तुम किसी भी कीमत पर इसे पीछे नहीं जाने देना ।बाबासाहेब के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ी। शादी नहीं करने की शपथ ली। आजीवन अपने घर नहीं जाऊंगा और बाबा साहेब के मिशन में लग गए । जिसे पूरा करने की चाहत हो तो उसे अरमान कहते हैं। जो कभी ना बदला और बदले उसे ईमान कहते हैं। जिंदगी भूखी प्यासी भले ही बिताई हो। जो ना बिका, जो ना झुका ,ना रुका , उसे मान्यवर कांशीराम कहते हैं। काशीराम जी कहते हैं जब आप अपनी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाएंगे तो आपके रास्ते में तीन बड़ी रुकावट आएंगी। वह है मनी, माफिया और मीडिया। अगर इन रुकावट को अपने पार कर लिया तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता। मान्यवर कांशीराम जी 80 के दशक से मनुवादी युद्ध का मुकाबला कर रहे थे। काशी राम , रामास्वामी पेरियार और फुले और नारायण गुरु और डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर का मेला लगवाते और स्वामी अछूतानंद, ललई सिंह यादव, रामस्वरूप वर्मा जैसे महान समाज सुधारको और दादू दयाल, रैदास वह दूसरे संतो के कथनों और वचनों को जनता के सामने प्रकट किया करते। मान्यवर कांशी राम जी कहते हैं कि अगर तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष ना कर सको तो विचलित मत होना ।बस एक नेक काम करना की बहूजनों के जीवन संघर्ष को पढ़ लेना। अगर उसे पढ़ कर तुम्हारे शरीर के रोंगटे खड़े हो जाएं तो समझ लेना कि तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष कर सकते हो। वरना वह किताबें वहीं फेंक देना ।आपका वही संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे अरसे तक रास्ता आसान हो जाएगा। इस अवसर में विष्णु प्रसाद बैरवा जिला संगठन मंत्री जिला बूंदी अशोक बैरवा नगर अध्यक्ष लाखेरी, रविन्द्र कुमार मीडिया प्रभारी तह इंद्रगढ़, सद्दाम मंसूरी नगर उपाध्यक्ष, रामचरण बैरवा कोषाध्यक्ष,संजय बैरवा, सौरभ बैरवा ,नवीन बैरवा ,भूपेंद्र राठौर ,आयुष गोच,र मनोज बुमलिया आदि भीम सैनिक मौजूद रहे l

