मूकनायक
राजस्थान /कोटा
ओमप्रकाश वर्मा
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धरती लिखा अंबर लिखा जगत सच्चाई को।
पर्वत लिखा नदियां लिखा सागर की गहराई को।
सयोंग लिखा वियोग लिखा हर उस तन्हाई को।
मज़मून ने नहीं लिखा काशीराम करिश्माई को।।
छंद लिखा द्वंद लिखा योद्धाओं की अजमाई को।
प्रकृति का वृतांत लिखा प्रभात की संगीताई को।
संगीत लिखा मनमीत लिखा प्रिय रुसवाई को।
मज़मून ने नहीं लिखा काशीराम करिश्माई को।।
प्रताप लिखा पद्मावत लिखा धाय पन्नाधाय को।
उपद्रव लिखा विद्रोह लिखा आजादी लड़ाई को।
गांधी लिखा नेहरू लिखा जिन्नाह भाई को।
मज़मून ने नहीं लिखा काशीराम करिश्माई को।।
✍️ लेखक:
आशाराम मीणा ,उप प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक कोटा राजस्था
जय भारत
,जय सविधान,जय विज्ञान

