Thursday, February 26, 2026
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बाबा साहब के जीवन से संघर्ष की प्रेरणा ले विद्यार्थी: पारस

मूकनायक/राजस्थान/जिला ब्यूरो चीफ सांचौर/रिडमल राम परमार

सांचौर स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर उद्यान में श्रद्धेय भिक्खु डॉ. सिद्धार्थ वर्धन के सानिध्य में पाँच दिवसीय किशोर संस्कार आवासीय शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का शुभारंभ आज किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को नैतिक, शैक्षिक, और चारित्रिक विकास की ओर अग्रसर करना और उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता बी.एल. पारस ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करते हुए समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों के उत्थान के लिए संघर्ष किया। पारस ने कहा, “डॉ. अंबेडकर का संपूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा है, और उन्होंने समाज में समता, बंधुता, और न्याय की स्थापना के लिए काम किया।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बाबा साहब के जीवन से सीखें और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ें। साथ ही, उनके द्वारा रचित साहित्य का अध्ययन करें, जिससे वे जीवन के संघर्षों को समझ सकें और प्रेरित हो सकें।श्रद्धेय भिक्खु डॉ. सिद्धार्थ वर्धन ने शिविर में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचशील समाधि और प्रज्ञा युक्त जीवन जीने से व्यक्ति को सच्चे कल्याण का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्व शांति की खोज में है, और इस अशांत समय में बुद्ध के धम्म का महत्व और बढ़ जाता है। उनके अनुसार, “धम्म के माध्यम से करुणा और मैत्री का संदेश फैलाकर आज भी विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो लोग अपने जीवन में शांति और पुण्य अर्जित करना चाहते हैं, वे भिक्षु संघ के सानिध्य में अपना उत्तम चरित्र निर्माण कर सकते हैं।शिविर में व्याख्याता पोपटलाल धोरावत आमली ने छात्रों को गुरु के प्रति श्रद्धा और आदर का भाव रखने का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “एक विद्यार्थी को अपने गुरु के प्रति आदर भाव रखना चाहिए और गुरु के सिखावन को ईमानदारी से आत्मसात करना चाहिए।” धोरावत ने समझाया कि गुरु के आशीर्वाद से ही जीवन में असली सफलता और ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने छात्रों को सिखाते हुए कहा कि किसी भी कार्य में श्रद्धा और निष्ठा के साथ आगे बढ़ा जाए तो वह कार्य सफलता की ओर ही ले जाता है।शिविर में अनुशासन बनाए रखने और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केसाराम ने सभी विद्यार्थियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने शिविर की नियमावली का पालन करने की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि अनुशासन में रहकर ही व्यक्ति सच्चे ज्ञान और आत्मविकास को प्राप्त कर सकता है।यह शिविर पाँच दिनों तक चलने वाला है, जिसमें बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और सत्रों के माध्यम से शिक्षित और प्रेरित किया जाएगा।इस कार्यक्रम में नरपत सिंह केरिया,अशोक कुमार परमार प्रधानाचार्य रानीवाड़ा,नरेश पातलिया,पोपटलाल व्याख्याता,अशोककुमार कारोला, अशोक पारीक कोषाध्यक्ष अम्बेडकर सेवा समिति,जयकृष्ण मेघवंशी अध्यक्ष युवा ब्लॉक अध्यक्ष मेघवाल परिषद् सरनाऊ,रिडमलराम गुन्दाऊ,मूलाराम वाघेला,मुकेश परमार परफेक्ट कम्प्यूटर सांचौर, बेचराराम पतालिया सुंधा साईकिल सांचौर , गोवाराम फौजी, प्रविण बौद्ध, घेवर बौद्ध,जितेन्द्र गोयल, पहाड़ाराम,गणेश मनुवेर, चेतन सोलंकी सहित कई जने उपस्थित रहे

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