सतीश बौद्ध ब्यूरो चीफ अलवर राजस्थान
—————————– सम्राट अशोक विजय दशमी के उपलक्ष्य में आज अलवर खुदनपुरी कालोनी अम्बेडकर पार्क में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सम्राट अशोक विजय धम्म विजय दशमी का कार्यक्रम एक शाम बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के नाम। बहुत हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तथागत बुद्ध के चरणो में पुष्प अर्पित करते हुए बाबा साहब डॉ बोधिसत्व भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर त्रिशरण पंच शील और बुद्ध वन्दना व भीम वन्दना द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वार्ड पार्षद श्रदेया मूर्ती देवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आगंतुकों का स्वागत किया ।मा.जगदीश बौद,मा.रोशन लाल बौद्ध,मा.हरिराम बौद्ध आदि सम्माननीय लोगों का स्वागत किया गया एवं मिशन का कार्य करने वालों को स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया । कार्यक्रम स्थानीय लोगों के द्वारा किया गया था ।गायकार भीम मिशनरी मंजीत मेहरा और सविता अम्बेडकर और हेमराज बौद्ध एंड पार्टी बहुजन महापुरुषों के बारे में जानकारी देते हुए। बाबा साहब का हम लोगों के लिए बलिदान बाबा साहब बौद्ध क्यों बनें सावित्रीबाई फुले ज्योतिबाफुले के बारे में संगीतमय गीतों के द्वारा समझाया गया। संगीतमय कार्यक्रम बहुत ही सुन्दर शब्दों में पेश करते हुए कार्यक्रम में शमा बांधा मुख्य प्रस्तुति मंजीत मेहरा सविता अम्बेडकर रही । पाखंडवाद और अन्धविश्वास पर जोरदार प्रहार कर भजनों के माध्यम से लोगों को जगाया लोगों ने भी गायकारों का जोरदार तालियां बजाकर स्वागत किया सारी रात संगीत मय मिशनरी भजन संगीत का कार्यक्रम चला सारी रात तालियों की गड़गड़ाहट रही । करीब 5000 के लगभग लोगों की भीड थी लोग भारी संख्या में उपस्थित होकर सुबह तक कार्यक्रम को सुनते रहे। जिसमें महिला पुरुष एवं नोजवान लोगों की भीड को भारतीय बौद्ध महासभा की समता सैनिक दल के सैनिकों ने बहुत अच्छी तरह से सुरक्षित तरीके से सुरक्षा प्रदान की बीच-बीच में लोगों को बहुत अच्छे से गाइड किया सारी व्यवस्था को संभालते हुए समता सैनिक दल ने अपनी हाजिरी लगाई समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। कार्यक्रम में लोगों द्वारा नोटों की बारिश भी की गई । गायकारो द्वारा खूब तालियां बटोरीं।

