Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशअम्बेडकर पार्क की पैमाईश को किया प्रभावित, बिना बताए पैमाईश करने पहुंचे...

अम्बेडकर पार्क की पैमाईश को किया प्रभावित, बिना बताए पैमाईश करने पहुंचे लेखपाल, अधिकारियों ने किया मंडलायुक्त के आदेश का अनुपालन।

भारतीय संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के पार्क को लेकर अब सियासत गरमाने लगी हैं

महरौनी/ललितपुर। अम्बेडकर पार्क को लेकर वर्ष 2021 से निरंतर कब्जा मुक्त कराने का प्रयास चल रहा हैं लेकिन आज तक कब्जा मुक्त नहीं हो पाया हैं। प्रशासन की मंशा और कब्जा धारियों का सत्ता मैं पकड़ होने के चलते मुख्य बाईपास से लगे अंबेडकर पार्क प घनश्याम सही ने 42 कड़ी एक भुजा, 7 कड़ी एक भुजा पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया हैं जो बीते दिवस की पैमाईश मैं सामने निकलकर आया हैं। उसकी पैमाईश जैसे ही आगे बाद रही थी कि तभी लेखपाल धर्मेन्द्र सिंह राजपूत ने पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ोनिया को फोन कर मौके पर बुला लिया बड़ोनिया ने मौके पर आकर जांच को रुकवा दिया और मौके से लेखपाल को रवाना कर दिया, जिसके बाद लोगों ने मांग उठाई कि पार्क की पूरी पैमाईश की जाए लेकिन पूरी पैमाईश नहीं की गई। सूत्रों के हवाले से पता चला हैं कि लेखपाल और घनश्याम साहू के मध्य सही पैमाईश न करने को लेकर लेने देने हो चला हैं। इस बात की पुष्टि तब सिद्ध होती हैं, जब लेखपाल जिन लोगों के द्वारा पार्क की पैमाईश का प्रार्थना पत्र दिया गया था, उन्हें न बुलाकर घनश्याम साहू, व उनके अन्य साथियों को बुलाकर पार्क की पैमाईश के लिए पहुंच गए लेकिन जैसे ही विजयराम आजाद को भनक लगी कि मौके पर महरौनी लेखपाल और घनश्याम साहू है तो तुरंत विजयराम आजाद मौके पर पहुंचे और लोगों फोन व ग्रुप मैं सूचना के माध्यम से बुलाया। जिसके बाद बाबा साहब के अनुयाई पार्क की जमीन पर पहुंचे और पैमाईश की गई जिसमें ललितपुर मुख्य मार्ग से 6 करीब नापा गया, और भूमि की पैमाईश की गई जिसमें घनश्याम साहू का अंबेडकर पार्क की भूमि पर 42 कड़ी, 7 कड़ी कब्जा पाया गया, जिसमें पक्का मकान निर्मित हैं। लेकिन लेखपाल न तो कब्जा की रिपोर्ट बनाने के लिए तैयार हैं, नहीं अंगे पड़ी भूमि पर पैमाईश करने को तैयार हैं, क्योंकि अगर सही पैमाईश लेखपाल करता हैं तो घनश्याम साहू के द्वारा जो अवैध रूप से कब्जा कर गेट लगाया गया हैं। वह बंद हो जाता लेकिन लेखपाल इस मूड मैं नजर नहीं आ रहे हैं।

पैमाईश होती हुईतहसीलदार सहित नगर पंचायत ईओ ने की मंडलायुक्त के आदेश की अवहेलना

बीते सप्ताह 19 अक्टूबर को झांसी मंडलायुक्त महरौनी दौरे पर पहुंचे थे उसी समय अंबेडकर पार्क को कब्जा मुक्त करने का प्रार्थना पत्र समाधान दिवस के माध्यम से मंडलायुक्त को दिया गया था। जिस पर मंडलायुक्त ने तुरंत तहसीलदार महरौनी, नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी महरौनी, नगर पंचायत अधिशासी अभियंता महरौनी को आदेशित किया था कि एक कमेटी गठित कर पार्क पर से कब्जा मुक्त कराया जाए साथ ही पार्क का अगर टेंडर हो चुका हैं, तो क्योंकि कार्य नहीं लगाया जा रह हैं, इसका कारण बताए। मंडलायुक्त के द्वारा कहा गया था कि आज ही अम्बेडकर पार्क की भूमि पर जाकर निरीक्षण करें, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों न तो अम्बेडकर पार्क की भूमि पर पहुंचे न ही कमेटी का गठन किया गया। 25 अक्टूबर को लेखपाल महरौनी पहुंचे और अवैध कब्जा धारकों से मिल रिपोर्ट तैयार करने लगे उसी समय विजयराम आजाद मौके पर पहुंच गए और सब खेल बिगड़ गया। विजयराम आजाद ने बाबा साहब के अनुयाइयों को मौके पर बुला लिया, तथा सही पैमाईश के लिए कहा, जिसमें रिटायर कानूनगो, भी मौके पर पहुंचे और लेखपाल की मनमानी नहीं चलने दी गई साथ ही पैमाईश कराई गई लेकिन लेखपाल द्वारा जब अवैध कब्जा किए व्यक्ति की बात आई तो लेखपाल मौके से भाग गए।

जनता का मत पैमाईश को प्रभावित करने के बाद अब लोगों के अंदर गुस्सा हैं कि क्या सही पैमाईश हो सकेगी। क्योंकि जिस प्रकार घनश्याम साहू द्वारा अपनी लिंक से पार्क की पैमाईश को प्रभावित किया गया। क्या वह आज सही से पैमाईश या रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। लोगों का कहना हैं अगर सही पैमाईश नहीं की गई तो आंदोलन करेंगे लेकिन बाबा साहब के पार्क की जमीन को हर हाल मैं अवैध कब्जा धारकों से मुक्त कराएंगे।

लेखपाल का अधिशासी अधिकारी को न बुलाकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को बुलाना क्या संकेत देता हैं पैमाईश जैसे ही पार्क की दूसरी तरफ से हुई ही थी कि उसी दौरान लेखपाल द्वारा नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी महरौनी को फोन न कर मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ोनिया को फोन लगाकर बुला लिया। जिसके बाद घनश्याम साहू की तरफ पैमाईश की जा रही थी उसी दौरान प्रमोद बड़ोनिया पहुंच गए और उन्होंने पैमाईश को रुकवा दिया। जिसके बाद मौके से लेखपाल को बड़ोनिया द्वारा भगा दिया गया।

अमर उजाला ललितपुर संस्करण मैं 20 अक्टूबर 2024 को प्रकाशित खबर मैं बताए गया था, अम्बेडकर को लेकर मंडलायुक्त के आदेश को जिसमें कमेटी गठित की गई थी। कमेटी आज तक गठित नहीं हो पाई हैं।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments