मूकनायक
ओमप्रकाश वर्मा
राजस्थान/जयपुर
वो दिन दूर नहीं जब हम वंचित समाज को राष्ट्रीय संगठन और वैचारिक नेतृत्व भी देंगे- चौ.विनोद अंबेडकर (परिवर्तन संस्था का सातवां जिला अधिवेशन संपन्न )आरक्षण वर्गीकरण को लेकर संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष वेदवीर सिंह आदिवासी की अध्यक्षता में जयपुर स्थित के.के.पैराडाइज में परिवर्तन संस्था का सातवां जिला अधिवेशन संपन्न हुआ। अधिवेशन का आरंभ बाबा साहेब के सम्मुख पुष्प अर्पित करके तथा भीम गर्जना गीत से ओमप्रकाश चाँवरिया द्वारा किया गया।इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संस्था प्रमुख चौ. विनोद अम्बेडकर की गरिमामई उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथि उषा चरनाल व अरविंद लोहरा (प्रिंसिपल) सूरतगढ़ की भी विशेष उपस्थिति रही।अधिवेशन में पधारे संस्था प्रमुख चौ.विनोद अंबेडकर ने विषयगत उद्बोधन में कहा कि-‘सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण वर्गीकरण फैसले के बाद वंचित जातियों को शिक्षा और प्रशासन में भागीदारी मिलने का एक सुनहरा अवसर है। हम सभी राज्यों और केंद्र की सरकारों से माॅंग करते है कि इसे अविलंब पंजाब और हरियाणा की तर्ज वाइस वरसा नियम के साथ राजस्थान ही नहीं अपितु पूरे भारत में लागू कर हक़ से वंचित समाज के साथ न्याय करें ताकि इन जातियों का भी जीवन का स्तर ऊॅंचा उठे और प्रशासन में इनकी भी उचित भागीदारी सुनिश्चित हो सके। चौ. विनोद अम्बेडकर ने आगे कहा कि हम पिछले 30 वर्षों से शिक्षा प्रशासन और सत्ता में भागीदारी को लेकर देशभर में आंदोलन चला रहे है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा और प्रशासन में तो पहुॅंचने की आस जगी है किंतु राजनैतिक भागीदारी का प्रश्न अभी भी शेष है जब तक शिक्षा प्रशासन एवं सत्ता में भागीदारी का सम्पूर्ण आंदोलन सफल नहीं होता तब तक हमारा आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। साथ ही सरकारें भी इस पर अपना रुख स्पष्ट नहीं कर रही है तो हमें बड़ी तैयारी के साथ समस्त वंचित जातियों को एकजुट कर उनमें विचारधारा, शिक्षा, बुद्धिजीवियों, प्रवक्ताओं, राष्ट्रीय नेतृत्व की जो कमी शेष रह गईं हैं,उसे भी अंजाम तक पहुॅंचाने हेतु तीव्र गति से पूरा करने की जरूरत है। आप लोगों को यह समझना होगा कि वंचित समाज में अशिक्षा और दरिद्रता का मुख्य कारण बौद्धिक पिछड़ापन है, इसे दूर करने के लिए इनके बीच कैडर कैंप निरंतर चलाने होंगे । परिवर्तन संस्था के लोगों की बड़ी जिम्मेदारी है कि समाज में निरंतर मिशन मूवमेंट में रुचि बढ़ानी होगी तब यकीन मानिए कि फिर वो दिन दूर नहीं जब हम वंचित समाज को राष्ट्रीय संगठन और वैचारिक नेतृत्व भी देंगे, प्रवक्ताओं और बुद्धिजीवीयों की एक बड़ी फौज भी तैयार करके देंगे। इससे वंचित समाज से अशिक्षा और दरिद्रता तो दूर होगी ही साथ ही आपकी हक़मारी भी कोई नहीं कर सकेगा।’ अधिवेशन में परिवर्तन संस्था राजस्थान के संरक्षक सत्यनारायण अनोरिया, राजस्थान के प्रदेश महासचिव सूरज डागर, महाराष्ट्र कॉर्डिनेटर राजेश टांक की विशेष उपस्थिति रही। अधिवेशन का संचालन प्रदेश प्रचार सचिव प्रवीण लखन ने किया। अधिवेशन का समापन संस्था के समूह गान से हुआ।अधिवेशन में सेन्ट्रल सोशल मीडिया इंचार्ज दिलीप कुमार, प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल चांवरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष रामबाबू गोड़ीवाल, दिलीप टांक, ज्ञानचंद गोडीवाल, चेतन ढंडोरिया, साजन खराड़िया, रमेश चीराउंडिया, धर्मचन्द चाँवरिया, गोपाल चांवरिया, महेंद्र सियोता, एडवोकेट आकाश धामोनियो, अनूप कुमार, संदीप डागर, जितेंद्र जादौन, संतोष अठवाल, घनश्याम नायक, मनोज मेघवाल, अजय चौहान आदि सैकड़ों गणमान्य नागरिक व युवा शामिल हुए।

