मूकनायक
ओमप्रकाश वर्मा
राजस्थान/कोटा
🏹कैसे कहूं मेरे देश में true जजमेंट होता है।हर फाइल में बाबू का परसेंटेज होता है।।कानूनी वकालात में भी जज सेट होता है।फरियादी को अगली तारीख का वेट होता है।।पंचायत से पार्लियामेंट तक चेट होता है।राष्ट्रपति तो यहां पार्टियों का एसेट होता है।।(निजी संपत्ति)अंधा है कानून निर्णय तुम्हारा लेट होता है।नरेगा की लेबर में भ्रष्टाचारी मेट होता है।।गरीबों की फसलों का बाजारों में weight होता है।सरकारी मंडी के बाहर दुकानदार सेठ होता है।।सकल आय में भी इनकम टैक्स नेट होता है।कैसे पड़ेगी बेटियां शादियों का रेट होता है।।रिटेलर का छोटा सा पंपलेट होता है।(छोटा दुकानदार)आखिर सबका बाप तो कॉरपोरेट होता है।।(अंबानी अदानी जैसे बड़े घराने)ऑफिस में सरकारी अकाउंटेंट होता है।फिर क्यों इनकम टैक्स में रिफंड होता है।जब सोचता हूं तो मेरा माइंड अपसेट होता है।जिंदगी और मौत के दावे में भी एजेंट होता है।।देश की व्यवस्था से इस तरह टेंशन होता है।जहां भ्रष्टाचारी नेता अपनी पैंशन भी लेता है।।जहां किसानों की जमीनों का auction होता है।माल्या ओर नीरव को post sanction लेता है।।मुझे साफ-साफ नजर आता है यहां Corruption.।हर साल होते हैं जहां पर ईवीएम के election.।
*आलोचक*(writer)*आशाराम मीणा उप प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक कोटा राजस्थान

