मूकनायक
संध्या महाराष्ट्र /जयभीम जयभीम (गीत)
चाहे जा तु पूरब, चाहे जा तु पश्चिम,
चारो दिशामे देख ले मची हैं धुम,
उजालोंमै हो तुम,जों सालोंसें थे गुम,
बनी तेरी पहचान, बना तेरा नाम,
तो भूलेगा क्या तु? बोलेगा ना तु,
जयभीम,जयभीम,जयभीम,जयभीम!!
जन्म से तु था मनु का नकारा,
बाबासाहब ने अंतर्मनसे पुकारा,
पाणी पीनेको फिरा था मारामारा,
याद नही कैसे जिया तेरा पुर्वज सारा,
जयकारा करेगा ना तु, बोलेगा ना तु,
जयभीम, जयभीम, जयभीम, जयभीम!!
लौटानें हैं उपकार बाबा के सारे के सारें,
सन्मानित हमें ये जिवन दिया रे,
मुढ़ बेजान हमे शिक्षित किया रे,
शरम करेंगे जो बेईमान हुवा रे
बुद्धवचन भुलेगा क्या तु, बोलेगा ना तु
जयभीम, जयभीम,जयभीम,जयभीम!!
💫किर्तीसंध्या✍
अंबरनाथ.ठाणे.महाराष्ट्र.
(७०८३३५१७२५/८४२१७५२३१५)

