कटंगी।18अप्रैल. संवाददाता.
बालाघाट जिला बौद्ध संघ बालाघाट तहसील शाखा कटंगी नगर शाखा कटंगी प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार कटंगी प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार महिला मंडल समिति कटंगी व परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर सार्वजनिक जंयती समारोह कटंगी के सयुक्त तत्वाधान परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर जी का 133 वा जन्मोत्सव के अवसर पर थाईलैंड देश से प्राप्त तथागत बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण व प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार कटंगी का लोकार्पण उदघाटक पूज्य भदंत लोबझांग तेम्पाजी (तिब्बत) पूज्य भदंत धम्म शिखर जी (बालाघाट)पूज्य भदंत आनद पूज्य भंते विनाचार्य (लखनऊ) कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एड गुरुप्रसाद मदनजी (इलाहाबाद) विशेष अथिति एस एल गेडाम (सेवानिवृत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व) वअधिवक्ता संजय खोबरागडे (जिला अध्यक्ष बालाघाट जिला बौद्ध संघ बालाघाट) की अध्यक्षता में संपन्न हुआ! कार्यक्रम की रूपरेखा अनुसार प्रात 8 बजे डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर चौक कटंगी में स्थित परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्य अतिथि अधिवक्ता गुरुप्रसाद मदन कार्यक्रम के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय खोबरागडे भंते विनाचार्य (लखनऊ) सहित तमाम बौद्ध उपासक उपसिकाओ ने किया महेंद्र हिरकने डी डी गजभिए कपिल मेश्राम संजय शेंडे मंजू दिनेश ऊके निरूपमा राकेश वारके के नेतृत्व में विशाल रैली नगर भ्रमण कर प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार कटंगी में आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुई राखी उईके सुनिल डोंगरे दीपेंद्र हिरकने दिलीप मेश्राम ने बुद्ध अम्बेडकर मिशन पर गीत गजल कव्वाली की बेहतर प्रस्तुति दी ! 11 बजे दोपहर में अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े के निवास से श्रामणेर संघ शांति रैली पूज्य भदंत धम्म शिखर बालाघाट जी के नेतृत्व में निकाली गई. रैली प्रज्ञा दीप बौद्ध विहार पहुंचकर कार्यक्रम के रूप में तब्दील हुई. जयंती समारोह में पहुंचे पूज्य भदंत लोबझांग तेम्पाजी (तिब्बत), भदंत धम्म शिखर (बालाघाट), पूज्य भदंत आनद क्रांतिकारी भंते विनाचार्य (लखनऊ), बौद्ध अंबेडकर मिशन के प्रखर वक्ता अधिवक्ता गुरूप्रसाद मदन (इलाहाबाद), एस.एल.गेड़ाम (सेवानिवृत्त अनुविभागीय अधिकारी) समारोह कार्यक्रम के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े (जिलाध्यक्ष जिला बौद्ध संघ बालाघाट )के हस्ते विहार को लोकार्पण और प्रतिमा का अनावरण किया गया. इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जहां वक्ताओं ने डॉ बाबा साहब अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्षों और समाज के आज के परिदृश्य को लेकर अपने-अपने विचार रखें. सार्वजनिक जयंती समारोह में बड़ी संख्या में शहर और ग्रामीण अंचलों से बुद्ध अम्बेडकर अनुयाई शामिल हुए. पूज्य भदंत धम्म शिखर जी ने पाली और
जापानी और पूज्य भदंत लोब झांग तिब्बती भाषा में बुद्ध वंदना की
उक्त जयंती समारोह में तिब्बत से आए भदंत लोबझांग तेम्पा ने तिब्बती भाषा में बुद्ध और धम्म वंदना की. वहीं भंदत धम्म शिखर ने जगत विख्यात धम्मदूत भदंत संघरत्न मानके (जापान) की गैरमौजूदगी मेंपूज्य भदंत धम्म शिखर जी ने उनके आदेशानुसार जापानी में बुद्ध और धम्म वंदना की. जिसका उपासक-उपासिकाओं ने अनुसार किया. वहीं पहली बार अंबेडकर जयंती समारोह में श्रामणेरों के द्वारा शांति रैली भी निकाली गई. बस स्टैंड स्थित बी.आर. अंबेडकर जी की प्रतिमा के समक्ष वंदना के बाद श्रामणेरों ने शांति रैली निकाली. जिसका नेतृत्व भंते धम्म शिखर ने किया. भदंत लोबझांग तेम्पा, क्रांतिकारी भंते विनाचार्य रथ पर सवार थे. कार्यक्रम के उदघाटन पूज्य भदंत लोबझांग तेम्पा ने कहा भारत विश्व गुरु बुद्ध धम्म की वजह से है हम तिब्बत के लोगों ने बुद्ध धम्म का प्रचार प्रसार तिब्बती भाषा में ग्रथो की रचना कर किया है पूज्य भदंत धम्म शिखरजी (बालाघाट)ने कहा की बुद्ध अम्बेडकर मिशन ही से मानव का कल्याण संभव है भंते विनाचार्य (लखनऊ) ने कहा परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर एक नाम नही एक क्रांतिकारी परिवर्तन का दूसरा नाम है विशेष अथिति एस एल गेडाम ने कहा की महिला पुरुषो युवाओं के अथक प्रयासों से ही जनमानस तक बुद्ध अम्बेडकर मिशन को पहुंचाया जा सकता है
शोषण मुक्त समाज की रचना अंबेडकर का सपना- गुरुप्रसाद मदन
अंबेडकर जयंती पर मंचीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बौद्ध अंबेडकर मिशन के प्रखर वक्ता अधिवक्ता गुरूप्रसाद मदन ने कहा कि परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर की सामाजिक न्याय की अवधारणा सभी मनुष्यों की स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के लिए है. वह एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था के पक्ष में थे जो सभी क्षेत्रों में मनुष्य-मनुष्य के बीच सही संबंधों पर आधारित हो. उसकी ज़िंदगी. एक बुद्धिवादी और मानवतावादी के रूप में वे किसी भी प्रकार के पाखंड, अन्याय और शोषण को स्वीकार नहीं करते थे. परम पूज्य डा बाबा साहब अम्बेडकर जी शोषण मुक्त समाज की रचना करना चाहते थे.. डॉ बाबासाहेब अंबेडकर का जो सपना था वह शोषण मुक्त समाज की रचना करना था. गुरुप्रसाद मदन ने कार्यक्रम के मंच से महिलाओं को संविधान एवं आधुनिक कानून और अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने महिलाओं को जागरूक करने की सफल कोशिश की. उन्होंने यह भी कहा कि कोई समाज या देश तभी प्रगतिशील माना जाएगा, जब तक समाज की अंतिम सीढ़ी पर खड़ा अंतिम व्यक्ति गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत करने लगे.
राष्ट्र की एकता व अखंडता को उन्होंने सदैव सर्वोपरि रखा- कार्यक्रम के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े
अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े (जिला अध्यक्ष बालाघाट जिला बौद्ध संघ बालाघाट)ने कार्यक्रम में अध्यक्ष की आसंदी से जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि परम् पूज्य डॉ बाबा साहब अंबेडकर ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सदैव सर्वोपरि रखा. डा बाबा साहब अंबेडकर ने महिलाओं के हक अधिकारों, जातिविहीन समाज की स्थापना करना उनका सपना था. डा बाबा साहब अंबेडकर ने कमजोर वर्ग, निचले तबके के लोग, मजदूर और महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें समानता का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका मकसद था समाज से जात-पात, छुआछूत और वर्ण व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर समता , समानता और बंधुत्व ये तीनों तत्व मानव विकास के लिए बहुत जरूरी है ! कार्यक्रम के संबध प्रस्तावना महेंद्र हिरकने (तहसील अध्यक्ष बालाघाट जिला बौद्ध संघ तहसील शाखा कटंगी) ने प्रस्तुत कर आभार प्रदर्शन कपिल मेश्राम(अध्यक्ष परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह कटंगी)ने किया कार्यक्रम का सफल मंच संचालन प्रीति बरखा कांबले व अधिवक्ता यूनित खोबरागडे ने किया कार्यक्रम में शरीक हजारों लोगो को भोजन दान दंपति आयुष्मती संघमित्रा व विजय गड़पाल द्धारा दिया गया शाम 6बजे से रात्री के 10बजे तक बुद्ध अम्बेडकर मिशन पर आर्केस्ट्रा के कलाकारों ने गीत गजल व कव्वाली की बेहतर प्रस्तुति दी कार्यक्रम को सफल बनाने महेंद्र हिरकने'( तहसील अध्यक्ष बौद्ध संघ कटंगी)डी डी गजभिये(अध्यक्ष नगर बौद्धसंघ कटंगी)’आयुष्मंती मंजू दिनेश ऊके(अध्यक्ष प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार महिला मंडल कटंगी) कपिल मेश्राम सभापति नगर परिषद कटंगी (अध्यक्ष परम् पूज्य डाक्टर बाबा साहब अम्बेडकर जी सार्वजनिक जंयती समारोह कटंगी) सयोजक संजय शेन्डे (पूर्व अध्यक्ष BSP विधान सभा कटंगी )कुमार हुमनेकर (सरक्षक)व्ही पी भालाधरे ऋषभ हिरकने (उपाध्यक्ष)आयुष्मती निरुपमा राकेश वारके (उपाध्यक्ष)’ हर्ष रायकर (सचिव) राहुल मसूरकर (सहसचिव)पुष्पा सुरेश गणवीर ‘ राकेश वारके (कोषाध्यक्ष) दिनेश ऊके प्रदीप डी ऊके रामचन्द मेश्राम भोजराज वासनिक अरुण वाहने टी पी घोड़ेश्वार प्रेम मसूरकर जे डी मेश्राम प्रो कविता गेडाम हंसराज राऊतकर मुन्नालाल राऊतकर योगेश चौरे यशवंत गणविर डी डी मेश्राम MPEB जगदीश राऊत अशोक चिचखेड़े प्रदीप मेश्राम राकेश वारके रमेश गेडाम डा अनिल हिरकने पूनम मंडाले विरेंद्र डोंगरे विनय डोंगरे सुनिल डोंगरे सुनिल खोबरागडे प्रदीप मंडाले प्रशान्त हुमनेकर(पूर्व पार्षद)किशोर मसूरकर महेंद्र डोंगरे डा सिद्धांत गढ़पाल संजय कोहले विनय साखरे मोहित गोंडने हिमांशु हिरकने अंकुश सेलारे दिव्यांश सेलारे शुभम मसूरकर सुभम मेश्राम सत्यम मेश्राम गोल्डी रामटेके सांस्वत मेश्राम जितेंद्र सुखदेवे मोंटू मसूरकर संजय वैध तरुण ऊके विक्की शेंडे मयंक वारके महिला मण्डल सदस्य अनिता किशोर मसूरकर किरण भालाधरे चेतना प्रदीप हुमनेकर पंचशिला हुमनेकर ज्योति नागदेवे सरिता मसूरकर साधना मंडाले भाविका मेश्राम (सरक्षक) पुष्पा रमेश गेडाम कविता सुखदेवे आशा हुमनेकर सुषमा मसुरकर वीणा गजभिए पुष्पलता शेंडे अंजू गड़पाल नीमा हिरकने मीरा मेश्राम प्रिया हिरकने वर्षा खोबरागडे रश्मि मेश्राम सरिता मसुरकर आशा मेश्राम लता मसुरकर पुष्पा मेश्राम कंचना मेश्राम अनिता मेश्राम इत्यादि लोगो ने महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया

