Thursday, February 26, 2026
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मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने विगत दिवस के विभिन्न समाचारो पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के ’12 मामलों में संज्ञान’ लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।

महिला थाने में व्हील चेयर की सुविधा नहीं

भोपाल शहर के महिला थानों में आने वाले दिव्यागों के लिये व्हीलचेयर की सुविधा नहीं होने का मामला सामने आया है। थाने में रंैप तो है लेकिन व्हीलचेयर नही है। जिसके कारण थाने में अपनी शिकायत लेकर आने वाले दिव्यागों को थाने के अंदर तक पहुंचने में कई तरह ही परेशानी होती है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से भोपाल में ऐसे थानों में दिव्यागों के सुगम आवागमन हेतु रैंम्प एवं आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर आदि सहायक उपकरणों की तथ्यात्मक/संख्यात्मक प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

चैकीदारी की राशि नहीं मिलने से दुखी बुजुर्ग ने की आत्मदाह की कोशिश

भोपाल शहर के जुमेराती में एक व्यापारी के पास कई साल से चैकीदारी का काम करने वाले एक बुजुर्ग को उसकी चैकादारी की राशि नहीं मिलने का मामला सामने आया है। जब बुजुर्ग इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज करने पुलिस थाने में पहंुचा तो उसकी शिकायत लिखने की जगह उसे भगा दिया गया। पीड़ित बुजुर्ग परेशान होकर कलेक्टर जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहंुचा और मिट्टी का तेल, डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।

आवारा कुत्तों के हमले से बालिका की मृत्यु

मंदसौर जिले के भानपुरा नगर के पास आवारा कुत्तों द्वारा एक 12 वर्षीय बालिका के ऊपर जानलेवा हमला करने की घटना सामने आई है। लोटखेड़ी में रहेने वाली बालिका अकेले ही अपने खेत की तरफ जा रही थी, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झंुड ने उस पर हमला कर दिया। जिससे बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। बालिका के काफी देर तक घर न पहंुचने पर परिजन जब उसे खोजने पहुंचे तो बालिका लहूलुहान हालत में मिली। परिजनों ने बालिका को अस्पताल लेकर पहंुचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, मंदसौर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, भानपुरा-मदंसौर से मामले की जांच कराकर बालिका की मृत्यु के सम्बन्ध में स्पष्ट प्रतिवेदन तथा मृतका के परिजन को दी गई आर्थिक मुआवजा राशि एवं आवारा कुत्तों से क्षेत्र के रहवासियों, विशेष कर बच्चों एवं वृद्धजन के सुरक्षा के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
कंपनी में काम करते समय घायल मजदूर की मृत्यु

रायसेन जिले के मंडीदीप क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी में कार्य करते समय घायल हुये युवक की मृत्यु होने की घटना सामने आई है। परिजनों ने कंपनी मालिक पर घायल मजदूर का उपचार नहीं कराने का आरोप लगाया है। बीती 28 फरवरी को मजदूर कार्य के दौरान बुरी तरह घायल हो गया था, जिसका उपचार एम्स में चल रहा था। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर रायसेन एवं जिला श्रम अधिकारी, रायसेन से मामले की जांच कराकर मृतक के वैध उत्तराधिकारी/परिजन को नियोजक से देय आर्थिक मुआवजा राशि आदि अन्य अनुतोष और घटना के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

मजदूरी के पैसे मांगने पर दबंगों ने की मारपीट

गुना शहर के पठार मोहल्ला में मजदूरी के पैसे मांगने पर दंबग पिता-पुत्र ने पीड़ित के घर पर हमला करने की घटना सामने आई है। घटना के समय घर पर युवक नहीं मिला तो दंबगों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और बच्चियों के साथ ही मारपीट करने लगे। हमले में वृद्धा के सिर, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई है। पीड़ित परिवार ने आरोपित दंबगों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने गये तो पुलिस ने एफआईआर में आरोपियों के नाम नहीं लिखे। पुलिस की कार्यवाही से पीड़ित परिवार ने कलेक्टोरेट जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, गुना एवं पुलिस अधीक्षक, गुना से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।

नाबालिग के साथ की ज्यादती

रायसेन जिले के औद्योगिक क्षेत्र के सतलापुर थानातंर्गत एक नाबालिग के साथ उसके मौसा द्वारा दुराचार करने की घटना सामने आई है। घटना के बाद जब नाबालिग गर्भवती हुई तो आरोपित मौसा ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता नाबालिग ने सतलापुर पुलिस थाने में मौसा सहित चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रायसेन से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

खतरनाक हो सकती हैं स्ट्रीट लाइट की अंडरग्राउंड वाॅयरिंग, नहीं हो रहा मेंटेनेंस

जबलपुर जिले में कई क्षेत्रों के सड़क और चैक पर लगे स्ट्रीट लाइट की अंडरग्राउंड वाॅयरिंग की मेेंटेनेंस नहीं होने से वाहन चालकों के लिये खतरा बन रहा है। रोड डिवाइडर के बीच लगाई गई स्ट्रीट लाइट के लिये अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिफिकेशन वर्क करवाया गया था। स्ट्रीट लाइट को सुधारने के बाद डिवाइडर के बीच से तार लटकने लगते है, जिसके कारण बारिशों के दिनों में कंरट फैलने का खतरा बना हुआ है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, जबलपुर एवं आयुक्त, नगर निगम, जबलपुर से मामले की जांच कराकर जनसुरक्षा एवं जोखिमपूर्ण स्थिति को समाप्त होने के लिये की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

अतिथि शिक्षकों को पांच माह से नहीं मिला वेतन

जबलपुर जिले के विकासखंड पाटन के अंतर्गत आने वाली शालाओं में अध्यापन करने वाले अतिथि शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। वेतन नहीं मिलने से अतिथि शिक्षकों के जीवन यापन में संकट गहरा गया है। वेतन नही मिलने से उनके बच्चोें की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयेाग ने कलेक्टर, जबलपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, जबलपुर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के सम्बन्ध में एक माह में जवाब मांगा है।

पंचायत भवन में लग रही स्कूल की कक्षाएं

जबलपुर जिले के बरेला के ग्राम पंचायत बिलहरी के हाईस्कूल के बच्चों को बैठने के लिये भवन नहीं होने का मामला सामने आया है। स्कूल भवन नहीं होने के कारण मजबूरीवश बच्चों को ग्राम पंचायत के मीटिंग हाॅल में बैठकर अध्ययन करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार 2018-19 में इस स्कूल का मिडिल स्कूल से उन्नयन किया गया था, लेकिन अब तक अतिरिक्त कक्ष या भवन का निर्माण नहीं कराया गया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकारी ने कलेक्टर, जबलपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, जबलपुर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के सम्बन्ध में एक माह में जवाब मांगा है।

मुरझड़ के गरीब बच्चे शिक्षा के अधिकार से हो रहे वंचित

बालाघाट जिले के जनपद शिक्षा केंद्र वारासिवनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरझड़ के गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रहने का मामला सामने आया है। आॅनलाईन आवेदन करने पर समीपस्थ स्कूल पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने के कारण अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकारी ने कलेक्टर, जबलपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, बालाघाट से मामले की जांच कराकर पात्र बच्चों को प्राप्त अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के उचित पालन में आॅनलाईन आवेदन पर स्कूल पोर्टल पर आ रही समस्या के निराकरण के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का स्पष्ट प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर ग्रामीण

बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित दक्षिण बैहर के वन ग्राम चैरिया में रहने वाले ग्रामीणवासियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से गांव में न तो पक्की सड़क बन पाई है, ना तो स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। रात के समय गांव में बिजली की अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया और लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन अब तक गांव की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकारी ने कलेक्टर, बालाघाट एवं जिला शिक्षा अधिकारी, बालाघाट से मामले की जांच कराकर गांव की पेयजल समस्या, खराब हेण्डंपम्पों की मरम्मत करा उनको उपयोग योग्य बनाने तथा गांव की शासकीय प्राथमिक शाला के नव निर्माण के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

स्कूल में लगता है असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

कटनी जिले के वार्ड क्रमांक 18 अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला प्रेमनगर में शाला के एक तरफ बाउंडी वाॅल नहीं होने से रात के समय यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। जिसके कारण स्कूल खुलने पर विद्यालय प्रांगण में शराब की बोतलें और अन्य अवांछित चीजे पड़ी रहती है। जिससे बच्चों की मनोस्थिति में बुरा असर पड़ता है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकारी ने कलेक्टर, कटनी एवं पुलिस अधीक्षक, कटनी से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही के सम्बन्ध में तीन सप्ताह में जवाब मंागा है।

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