“बहुजन समाज के उत्थान हेतु पंजाब में बने अंतिम पायदान के समुदाय का मुख्यमंत्री” विषय को लेकर कोहिनूर पैलेस,नूपुर बेदी जिला रूपनगर(पंजाब)में परिवर्तन संस्था द्वारा चतुर्थ जिला अधिवेशन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष वेदवीर सिंह आदिवासी ने की तथा संचालन पंजाब स्टेट इंचार्ज अल सिमरन ने किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संस्था प्रमुख चौधरी विनोद अंबेडकर की गरिमामई उपस्थिति रही। इस अवसर पर पंजाब प्रांत अध्यक्ष जसविंदर कुमार, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सोहन चांवरिया,विशेष सहयोगी कुमारी पालक एवं राजकुमार विशिष्ट अतिथि रहे।
अधिवेशन का प्रारंभ बाबा साहब अंबेडकर के सम्मुख पुष्प अर्पित कर संस्था के समूहगान के साथ हुआ। अधिवेशन में विषयगत प्रबोधन करते हुए मुख्यअतिथि संस्था प्रमुख चौधरी विनोद अंबेडकर ने कहा कि पंजाब भारत का एकमात्र प्रदेश है जहां बहुजन समाज की सर्वाधिक जनसंख्या है लेकिन आप लोगों को अपनी ताकत का एहसास नहीं है। अगर बहुजन समाज को अपनी वोट की ताकत का एहसास कर दिया जाए और वह एकजुट होकर एक जगह वोट डाले तो मतपेटी से आपका मुख्यमंत्री निकलेगा लेकिन उसके लिए सभी बहुजन समाज की जातियों को मिलकर अंतिम पायदान के समुदाय का मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनानी होगी। अगर हम बहुजन समाज के लोग पंक्ति में अंतिम खड़े समुदाय का मुख्यमंत्री बनाएं तो संपूर्ण बहुजन समाज का उत्थान होगा। मगर इसके लिए सामाजिक एकजुट पहली शर्त है, यह ध्यान रहे जो समाज महापुरुषों एवं अपने इतिहास को नहीं जानता वह समाज कभी सामाजिक रूप से एकजुट नहीं हो सकता और बिखरा हुआ समाज हमेशा दीनहीन बना रहता है इसलिए उस पर अत्याचार होते हैं, हाकमरी होती है। आखिर कब तक गरीबी और जिल्लत का जीवन जिओगे? आप लोगों की ऐसी दशा से बहुत चिंतित हूं। इसलिए “बहुजन समाज को एकजुट कर अंतिम पायदान के समुदाय से पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं। इसी मार्ग से तुम पर होने वाले अत्याचार और हाकमरी रुकेगी। आप लोग मुझ पर भरोसा करके फुले,अंबेडकर,काशीराम की विचारधारा से सामाजिक एकजुटता पैदा करने में सहयोग करें, तो मैं आप लोगों को सत्ता में भागीदारी बोनस में दूंगा।
लेकिन आपकी प्रॉब्लम यह है कि आपको दोस्त और दुश्मन की पहचान नहीं है। तुम उन्ही राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और तथाकथित नेताओं के पीछे दौड़ते रहते हो जो तुम्हें हमेशा अपना पिछलगू बनाए रहते हैं। ध्यान रहे उनकी मंशा कभी भी तुम्हें कुछ देने की नहीं है। तुम तो बस उन लोगों के लिए वोट भर हो या तो फिर सस्ते गुलाम।
अध्यक्षणिया भाषण में केंद्रीय अध्यक्ष वेदवीर सिंह आदिवासी ने कहा कि संस्था प्रमुख फुले,अंबेडकर,काशीराम की विचार विरासत के वारिश है और आपको मान सम्मान शिक्षा प्रशासन एवं सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए 28 वर्षों से सत्यनिष्ठा के साथ की जान से जुटे हुए हैं। इन्होंने समाजहित में आईएएस की परीक्षा बीच में छोड़ी,एमएलसी (विधायक)के ऑफर को ठुकराया, एससी एसटी एक्ट बचाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन में निर्दोष होते हुए भी लगभग 6 माह की जेल काटी इतना बड़ा त्याग,बलिदान,साहस फूल अंबेडकर काशीराम के बाद अगर किसी दलित नेता ने किया तो वह और कोई नहीं बल्कि हमारे बीच साधारण रूप से बैठे हुए संस्था प्रमुख चौधरी विनोद अंबेडकर हैं।
पंजाब प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर कुमार ने कहा कि चौधरी साहब विनोद अंबेडकर चाहते तो गाड़ी, बंगला ऐसो आराम का जीवन चुन सकते थे लेकिन आप लोगों की खातिर इन्होंने अभाव और बेबसी का जीवन चुना क्योंकि इनकी मंशा स्वयं को नहीं बल्कि समाज को लाभान्वित करने की है,यह हमारे हक अधिकारी की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसलिए वक्त रहते उनका साथ सहयोग करो तथा परिवर्तन संस्था से जुड़े
अधिवेशन में संजीव कुमार, विशाल कुमार, जितेंद्र सहोता, मोहम्मद रमजान, निरंजन सिंह, रूपिंद्र कुमार,हरविंदर सिंह, शुभम कुमार,राहुल कुमार, परमिंदर भारती ,तुलसीराम महू, अमित कुमार वाल्मीकि, वीरेंद्र महू ,सुखचैन बोहत,रणजीत सिंह लकी, सुरेंद्र कुमार, सतीश दिमान,दिनेश कुमार, मनोहर लाल,मनजीत सिंह, जीवन सिंह, साहिल कुमार, राजकुमार,राजदीप गोल्डी गिल, श्रीमती अनीता बेस राखी सावंत सपना बेस, सोनिया शोभा, बिना कुमारी, गिन्नी कुमारी आदि मौजूद रहे।
भवदीय,
जसविंदर कुमार
प्रदेश अध्यक्ष परिवर्तन संस्था।

