Thursday, February 26, 2026
Homeदेशनक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट में रहकर सरकारी स्कूल से की पढ़ाई और...

नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट में रहकर सरकारी स्कूल से की पढ़ाई और विज्ञानी बन चंद्रयान-3 मिशन में निभाई प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका.

मूकनायक प्रतिनिधि बालाघाट बालाघाट। चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए शुक्रवार को लांच किए गए चंद्रयान-3 मिशन में मध्य प्रदेश के कई विज्ञानियों ने कड़ी मेहनत की है। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट के भी एक विज्ञानी ने अहम भूमिका निभाई है, जिन्होंने अपनी स्कूल की शिक्षा सरकारी स्कूल से की। चंद्रयान-3 मिशन में बिरसा तहसील के छोटे-से गांव कैंडाटोला में रहने वाले 44 वर्षीय महेंद्र कुमार ठाकरे उस टीम में शामिल रहे, जिसने चंद्रयान-3 को पृथ्वी की कक्षा में भेजा है। इस टीम को राकेट टीम कहा जाता है। पिछले 16 सालों से इसरो में बतौर विज्ञानी काम कर रहे महेंद्र ने अनुभव साझा किए।

पृथ्वी की कक्षा में कराया सफल प्रक्षेपण
विज्ञानी महेंद्र कुमार ठाकरे ने विशेष चर्चा में बताया कि वह चंद्रयान-3 मिशन के वैकल साइट में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए दो विशेष टीमें काम कर रही हैं। एक सैटेलाइट टीम और दूसरी वैकल टीम। वैकल टीम में महेंद्र ने बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका निभाई है, जो चंद्रयान-3 के लांच एक्टिविटी में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि वैकल टीम ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी की कक्षा में सफल प्रक्षेपण कर लिया है। इसके बाद चंद्रयान-3 को चंद्रमा तक ले जाने का काम दूसरी टीम करेगी। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 जैसे ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा होना गर्व का अहसास कराता है।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments