रिसोड
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केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से राज्य में नहीं बल्कि देश में किसानों की समृद्धि के लिए कई योजनाएं लागू की जाती हैं जिनमें महाडीबीटी पोर्टल हैं या किसानों की कृषि के लिए उपयोगी कुछ सब्सिडी योजनाएं हैं लेकिन अगर ए किसान किसी योजना का लाभ लेना चाहता है तो संबंधित विभाग के अधिकारी उस किसान से आर्थिक विनिमय की मांग करते हैं जिसके फलस्वरूप पात्र अभ्यर्थियों को सरकार द्वारा प्रदत्त योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पाता है.
सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी किसानों को नहीं दी जाती है और जिन किसानों को इन सब बातों की जानकारी मिलती है, वे योजना के बारे में ऑनलाइन फार्म तो भर देते हैं, लेकिन वास्तव में अगर किसान योजना का लाभ लेना चाहता है तो कृषि कार्यालय के अधिकारी मांग करते हैं. किसान से 10000, 1000, 500, 100 जैसी राशि। जब आप उनसे पूछते हैं कि आपके प्रस्ताव में कुछ गड़बड़ है, और फिर वे कहते हैं कि आप 500, 100 देते हैं, जल्द ही फाइल मंजूर हो जाएगी। सवाल सामने है किसानों के कई प्रस्ताव पंचायत समिति में लंबित हैं रोजगार गारंटी योजना के तहत किसानों को बाग की खेती के लिए सब्सिडी दी जाती है, लेकिन इस संबंध में बड़ी संख्या में किसानों के प्रस्ताव लंबित हैं । कुछ कृषकों ने अपने प्रस्ताव की प्रति संबंधित कार्यालय को 2-3 वर्ष बाद नहीं भिजवायी है, किन्तु 5 वर्ष पश्चात् किसान ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, वह खेत में लगे बाग के फल बेचने आया था, लेकिन अभी तक रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से प्राप्त अनुदान को किसान के खाते में जमा नहीं किया गया है, अनुदान लेने के लिए संबंधित अधिकारी किसान से 10,000 हजार 20,000 हजार 5000, हजार की वित्तीय मांग करते हैं, और वित्तीय आदान-प्रदान के तुरंत बाद, प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है और बिना किसी सत्यापन के सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाता है, लेकिन जो किसान गांव में एक छोटा किसान है, उस किसान के साथ बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है.भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे इस गंभीर मामले पर अंकुश लगाने के लिए, 08/05 2023 कलेक्टर साहब वाशिम द्वारा वक्तव्य के माध्यम से अनुरोध किया गया कि लंबित प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृत किया जाए और भ्रष्टाचार के जाल में फंसे अधिकारियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए कस्तकर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री विष्णु बाजड ने मांग की कि कार्रवाई की जाए।
*मूकनायक समाचार रिसोड संवाद दाता अमर कानडे की रिपोर्ट* 🙏

