छत्तीसगड कोरबा मे आंतरराष्ट्रीय कामगार दिवस के उपलक्ष मे अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ कि सभा पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल जी बोपचे इनकी अध्यक्षता मे और केबिनेट मंत्री छत्तीसगड शासन मा. जयसिंग जी अग्रवाल इनकी प्रमुख उपस्थिती मे सम्पन्न हुयी ….!
पूर्व सांसद डॉ. खुशाल जी बोपचे इनोने अपने मार्गदर्शन मे कहा कि शाहू , फुले, आंबेडकर इनके विचारो भारत बनाना होगा तो भारत के सभी 85 % समाज के ओबीसी बहुजन समाज को इकट्टा होणे कि गरज है.. देश में ओबीसी की जातनिहाय जनगणना हो, इसी तरह केंद्र सरकार में ओबीसी का स्वतंत्र मंत्रालय स्थापित किया जाए. ओबीसी वर्ग के लिए नॉन क्रिमि्लेयर की घटना बाह्य अट को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए।
इसी प्रकार आरक्षण की 50% सीमा को समाप्त किया जाना चाहिए।
इसी तरह, सरकार और सार्वजनिक उपक्रम के निजीकरण को रोका जाना चाहिए।
किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए 55 वर्ष की आयु से पेंशन योजना लागू की जानी चाहिए। महापुरुष महात्मा जोतिबा फुले और क्रांति ज्योति सावित्री बाई फुले को उनकी मृत्यु के बाद भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। संविधान की अवमानना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाहू फुले अंबेडकर के विचार सभी ओबीसी और बहुजन के घर-घर तक इसे कैसे पहुंचाया जाए, इस पर चर्चा हुई. संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ ऐसे कई सवालों को हल करने और ओबीसी बहुजनों को जगाने के लिए देश भर में और महाराष्ट्र राज्य में लगातार काम करता रहेगा. डॉ. खुशाल बोपचे इनके द्वारा व्यक्त किया गया। तथा इस अवसर पर सभा मे प्रमुख अतिथी मे उपस्थित मा. जयसिंग जी अग्रवाल केबिनेट मंत्री छत्तीसगड शासन, मा. गोपाल रुश्रीकर जी भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा, मा. गणेश भाऊ पारधी राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ, डॉ. उमा मोऱ्या जी राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंडवाना पार्टी आदी पदाधिकारी उपस्थित थे…..

