कसारीडीहि
आज भारतीय बौद्ध महासभा एवं महिला सशक्तिकरण संघ जिला इकाई दुर्ग भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में डॉक्टर अंबेडकर मंगल भवन में बड़े हर्षोल्लास के साथ 74 वा गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सबसे पहले भारतीय संविधान के शिल्पकार बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर ध्वजारोहण किया गया पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का पाठ किया गया उसके पश्चात सेवा निवृत्त न्यायधीश माननीय संजय शेन्दरेजी के द्वारा संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया गया। अवसर पर सीएल माहेश्वरी सेवानिवृत्त वाणिज्य कर अधिकारी के द्वारा गणतंत्र दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। महिला सशक्तिकरण संघ प्रदेश अध्यक्ष आयुष्मति प्रज्ञा बौद्ध ने अपने उद्बबोधन में बताया डॉ बाबासाहेब आंबेडकर ने बड़े परिश्रम से संविधान को 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन में पूर्ण पूर्ण किया तथा 26 जनवरी 1949 को संविधान सभा को उन्होंने शॉप दिया हमारे देश में 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू किया गया इस दिन हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्रात्मक देश बन गया हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और लिखितसंविधान है। 26 जनवरी 1950 के बाद से गणतंत्र बना इसका अर्थ है कि जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए अर्थात हमारे
देशमे का शासन हो गया। इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा के ट्रस्टी एस आर कानडे ने बाबा साहब के द्वारा कही गई बातों का स्मरण कराया बाबा साहब ने कहा था संविधान कितना भी अच्छा हो लेकिन इसके चलाने वाले अच्छे ना हो तो उस संविधान का कोई अर्थ नहीं। लेकिन संविधान बुरा भी हो और चलाने वाले अच्छे हो तो बुरा संविधान भी अच्छा साबित हो सकता है। आज हम सबको हमारे संविधान का सम्मान करना चाहिए तथा उसमें लिखे हुए कानून का पालन करना चाहिए। हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है कि हम सब मिलकर अपने संविधान का रक्षा करें क्योंकि हमारा देश हमारा संविधान हमारे भारत कोधर्मनिरपेक्षता कीराह दिखाता है। जिला अध्यक्ष सीके डोंगरे जी ने आभार व्यक्त किया इस अवसर पर सफाई कर्मचारी भी मौजूद रहे अंत में मिष्ठान वितरण कर सभा को विसर्जित किया गया।
इस अवसर पर जितेंद्र मेश्रामबीएल गोडबोले, अशोक मेश्राम,बी आर कठाने,व्ही एच बौद्ध श्याम कुंवर . प्रियंका मोठघरे पूनम ऊके सुमीत गजभिए अशोक मेश्राम और नगर निगम की सफाई कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

