Thursday, February 26, 2026
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*भारत मे सिर्फ संविधान कार डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी राष्ट्र निष्ठ है*

भारत देश का स्वाभिमान शान संविधान का पालन, देशके कणून का पालन,राष्ट्र ध्वज का संम्मान राष्ट्रीय महापुरुशोका सम्मान, राष्ट्रचिन्ह का स्ममान करना सिखणा है भारत की सभ्यता का आदर्श और आदर करना शिखणा है तो भारत के संविधान कार डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी के अनुयायी तो से सिखिये जिंन्होने डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जिको पढाहै समझा है और माना है कोई किसिकी जात नहीं धर्म पंथ वंश नहीं कोईभि कीसिका भेद नहीं कॉईभी कीसिकी जलन निंदा नालस्ती नहीं सिर्फ भारतीय राष्ट्र निष्ठा देश का स्वाभिमान रखक्र सम्यक दृष्टीस सम्यक कर्म करके इंसान इन्सानियत्से जोडकर वतन की सभ्यता का आदर्श और आदर करना यही सिख डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जिस उनके अनुयायी योनी ली है
आजादि केबाद भारत के जातीवादी अधर्मीय बेइमानी बेवकुफ अज्ञानी योने इन संविधान कार डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी के माननेवालो अनुयायी को भलेही राजकीय मुख्यधारासे दूर रखा हो राजकीय,सामाजिक,शैक्षणिक सांस्कृतिक आर्थिक शारीरिक, बौद्धिक,अवोध्योगिक क्षेत्र से वंचित अविकसित रखा फिरभी संविधान के नियमोके तहत राजकीय क्षेत्र छोडकर हर क्षेत्र मे डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी योणें आपणी इसतरहा प्रगती और विकास किया के भारत को हिंदुस्थान कहैनेवाले खुदको हिंदू कहैनेवाले काले म्हू के चोर लुटेरे राजकारणी दुसरोके रोजी रोटी छिंनकर अपना गुजारा करनेवाले आज के हालात मे जल जल के खाक हो रहे कल जो हमारे भारत में भिकारी बनके मनुवादी आये थे उन भिकारी योके हात मे भारत की सत्ता देक्र उनके मानसिक गुलाम बनकर खुदको हिंदू कहैकर जो हिंदू शब्द का अर्थ मतलब मैने बताया उन मनुवादी योके गुलामी मे पदपर बैठकर सत्ता के लाचार हो गये इनमे उन राजावोके वंशज भी है जिंन्होने भारत के क्षेत्र मे राज किया आज भारत किही मालमत्ता जो अँग्रेज और मोघलोने यहाँ हिफाजतसे रखि ऊस मालमत्ता को तोड मोडकर सत्यानाश बर्बाद करनेमे ये मनुवादी हिंदुत्व वादी बनकर राजकारणी मानसिक गुलाम अपनेही बहुजन भाईयोका शोषण कर रहे हैं
भारतके मूलनिवासी आदिवासी जो मनुवादी राजकारणी योके मानसिक गुलामी मे सत्ता के पदोपर बैठे है वो अपने भाईयोकी बरबादी आरक्षण,एज्युकेशन बंद करके खाजगीकरण से खुद लुटे जा रहे गरीब भाईयोंका,मजदुर,किसनोका खून च्युस्कर उन मनुवादी योंकी लाचारी सह्य रहे हैं भारत की मुल संनस्कृती खुद ये लाचार राजसत्ता मे बैठकर नष्ट कर रहे अपने ही भारतीय मूल भारतवासी योकी परेशान हर क्षेत्र मे जातीवाद धरमतांडव करके एक दुसरोक खुद ही खुडके खूनके प्यासे बनकर भाई भाईपर चढ रहे हैं ये राजकारणी अपने आखोसे आपनी मां बेटियो बहु बहैनके इज्जत मनुवादी योके हातो तार तार होते देख रहे हैं और खामोशिषे सत्ताकी लालचसे सहैन कर रहे हैं न्यायव्यवस्था न्याय नहीं दे रही क्यो के हमारे ही भारतवासी मूलनिवासी आदिवासी पोलीस मनुवादी सत्ता धरियोके हुक्म की तालीम के रहे खुदभी गुनाहगार बनकर खुदकी और अपने भाई बहैनोकी जिंदगीया बर्बाद कर रहे हैं ये सब बेनियम बर्ताव *भारत के संविधान कार के माननेवाले डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी नहीं करते जो राष्ट्र निष्ठ है*,*जो मनुवादी योंके साथ लालच से लाचार सिर्फ म्हू से जयभीम कहनेवाले राजकीय सत्ता के पदोपर बैठकर अपणेही भाई बहैनोका अत्याचार शोषण करते वो आंबेडकरी अनुयायी और भारत के राष्ट्र निष्ठ भी नहीं है येभी आप भले भांती समझलेना जरुरी हैल*
भारत एक प्रबुद्ध राष्ट्र है भारत का हर एक भारतीय आदिवासी मूलनिवासी अपने मातृभूमी की सभ्यता की जतन करता है वोही आंबेडकरवादी है जिंन भारतीयोंने अपने मातृभूमी का संम्मान किया नहीं तो ऐसे भी नालायक है जो डॉ बाबासाहेब आंबेडकर भारत के संविधान कार का पल पल अपमान राष्ट्र ध्वज का अवमान राष्ट्र पुरुषो का अवमान करते और भारत माता की जय कहैकर नारे लगाते जयकारा लगाते और राजकीय सत्ता मे बैठकर अपने ही बहु बेटीयो पर बलात्कार करते अपणीही मां की इज्जत लुटते हाथरस,युपी गुजरात बिल्कीस बानो एम पी राजस्थान बिहार हरियाणा मेतो ऐसे गुनाहगरोको खुली छूट दे रखीं है मनू कहता है स्त्री ये पांव की चप्पल ,पुरुष की भोग विलास की चीज है और इस बातको जित्नेभि मनुवादी राजकारणी सत्ता धारी मानते है वो सब ये दुष्कर्म कुकर्म करते है लेकीन सिर्फ पिच्छडी जाती के ही महिला पर क्यो क्यो के हिंदू धर्म ब्राम्हणी बीच्यारोका है और हिंदू धर्म मे पिच्छडी जाती की महीला का जो संरक्षण करणे कोईभी राजकारणी सत्ताधारी नहीं है
मनुवादी जिस तरह अपनि घरकी महिलावोंका संरक्षण करते क्यो के मनुवादी योकि महिला घरके बाहर नहीं निकलती वो घरकेही अंदर रहैती और जो महिला उन्नाव की किस्सा के समान राजकारणी बाहर आती कोई सांसद मनुवादी महिला चूप इस्लिए रह्यती क्यो के उनकी इस बातकी क्षमता ताकत ही कम होती के भारत के महीलापर हिये अत्याचार बलात्कार पर प्रतीकात्मक कूछ् बोले क्यो के वो खुद भी मनुवादी मानसिकता की रहती और खुद्भ भी शिकार होके अपने राजकीय पद सत्ता की ललच से खामोश रहैती अगर कोई मनुवादी मानसिकता से बाहर निकलकर आवाज उठानेकी कोशिश करती तो ऐसे राजकीय सत्ताधारी हो या कोईभी भारत की स्त्री हो उनकी संरक्षण देनेका काम सिर्फ एअर सिर्फ भारत के राष्ट्र निष्ठ संविधान कार डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के ही अनुयायी करते लेकीन भगवे लीबास मे बैठे साधू साध्विया सांसदके अंदर उन बलात्कारी योंका समर्थन करते जेलमे मिळणे भी जाते जेलसे रिहा भी करते और संसद मे बैठंनेवाले भगवे लिबास्वाले बच्चे भी पैदा करनेकी बात करते ये सब घिनओनी बाते इस तरहा की हरकते भारत के मूलनिवासी आदिवासी संविधान कार क
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी नहीं करते क्यो के वो प्यार मैत्री करुणा शांती मानवता समता बंधुभाव सामाजिक सलोखा कायम रखते इन बुद्ध के प्रबुद्ध भारत के वो प्रबुद्ध नागरिक है जो संविधान और भारत की मुल आदर्श सभ्यता का संरक्षण और बुद्ध के तात्विक मंगल कल्याण शिक्षा का पालन अनुसरण करते जिन्हे भी इन्सानिय त सिखना है तो भारत के संविधान कार डॉ बाबासाहेब आंबेडकर को पढे समझ ले और जीन्होने फुले शाहू पेरियार रामस्वामी नायकर नारायण गुरु बिर्सा मुंडा अण्णाभाऊ साठे मा सावित्री माता जिजाऊ , माता रमाई,,माता अहिल्यादेवी, मरियाम सारे पुरोगामी समता मानवतावादी महसंतोका इतिहास जिंदा रख मां सन्मान बढाया उन आंबेडकरी अनुयायी इंसानित्त सिखे और भारतीय इंसान नागरिक बनने की कोशिश करे
*अनिरुद्ध शेवाळे प्रतिभावंत प्रबोधनकार कला साहित्य संघ कवी गायक संगीतकार सिने नाट्य अभिनेता राष्ट्रीय प्रबोधनकार संस्थापक अध्यक्ष नागपूर महाराष्ट्र जय प्रबुद्ध भारत*

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