Thursday, February 26, 2026
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*21 अगस्त को संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति आंदोलन स्थल पर करेगी रोजगार संसद- गोपाल राय*

*रोजगार संसद में शामिल होंगे कई पार्टियों के सांसद व संगठनों के नेता*

*रोजगार आंदोलनकारियों ने आज दिल्ली के नंदनगरी में पकोड़े तलकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध*

*-रोजगार आंदोलन के तीसरे दिन भी क्रमिक अनशन है जारी*

*नई दिल्ली , 18 अगस्त 2022*

आज रोजगार आंदोलन के तीसरे दिन आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए गोपाल राय ने बताया 21 अगस्त को संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति आंदोलन स्थल पर रोजगार संसद का आयोजन करेगी जिसमें कई पार्टियों के सांसद एवं संगठनों के नेता शामिल होंगे।

आंदोलन स्थल पर राष्ट्रीय रोज़गार नीति को लागू कराने को लेकर नंदनगरी में क्रमिक अनशन जारी है | आज रोजगार आंदोलनकारी कार्यक्रम स्थल पर पकोड़े तलकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है।

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री एवं देश की बात फाउंडेशन के संस्थापक गोपाल राय ने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार नीति को लागू कराने को लेकर चल रहे रोजगार आंदोलन का आज तीसरा दिन है | 16 अगस्त को शुरू की गई तिरंगा पदयात्रा को पुलिस द्वारा दिल्ली के गोकलपुरी में रोकने के बाद पिछले दो दिनों से देशभर से आए प्रतिनिधि केंद्र सरकार के खिलाफ क्रमिक अनशन पर बैठे हुए है | ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय रोज़गार नीति को लागू कराने के प्रति हमारी मांग को अनदेखा कर देना , हमे कतई भी मंज़ूर नहीं है | इसलिए आज सभी राज्यों से आए हमारे प्रतिनिधि पकोड़े तलकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे है |

उन्होंने आगे बताया कि बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है और उसके समाधान के लिए आज जिस तरह के बेहतर प्रयास करने की ज़रूरत है वह सरकार की तरफ से नहीं दिख रहा है। आज भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर उच्च स्तर 7.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। देश में बढ़ रही बेरोज़गारी को मद्देनज़र रखते हुए आज रोजगार आंदोलन के सभी प्रतिनिधि पकोड़ा तलकर यह सन्देश देना चाहते है की अगर राष्ट्रीय रोजगार नीति को जल्द से जल्द लागू न किया गया तो देश में युवाओं की स्थिति इसी तरह की हो जाएगी |

श्री गोपाल राय ने बताया कि केंद्र सरकार की रोजगार और उद्योग केंद्रित कार्यक्रमों ने आज अपनी देश में अपनी पकड़ खो दी है और केवल पकौड़े बनाने के नीचे ही दब के रह गई है । रोजगार आज के युवाओं का बुनियादी हक है और राष्ट्रीय रोजगार नीति देश के सभी युवाओं और देश की बेहतरी के लिए बेहद ज़रूरी है | अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो युवाओं के सामने बेरोज़गारी का संकट हमेशा रहेगा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त छात्र भी पकोड़े तलने को मजबूर हो जाएंगे |

श्री गोपाल राय ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह जल्द से जल्द संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति के प्रतिनिधि को समय दे ताकि वह देश कि बात फाउंडेशन द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय रोजगार नीति का ड्राफ्ट उनको सौप सकें | अगर जरूरत हो तो केंद्र सरकार इसमें संशोधन कर इसे जल्द से जल्द पारित करे | यह आंदोलन सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि उनको सहयोग करने को लेकर है ताकि देश के युवाओं के लिए राष्ट्रीय रोजगार नीति बन सकें और लाखो युवाओं को नौकरी मिल सकें |

राय ने बताया कि देश में बेरोजगारी का यह आलम है की लोकसभा में प्रस्तुत किये गए पिछले 7 सालो के सरकार के रिकार्ड्स के अनुसार 22 करोड़ लोगो में से केवल 7 लाख लोगो को नौकरी दी गई है , जिसमे कई बार चयन प्रक्रिया के दौरान धांधलियों के केस भी हमारे सामने आते रहे है | इसलिए आज संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति के सभी प्रतिनिधियों ने पकोड़ा तलकर यही सन्देश दिया है कि भारत में आज पढ़े लिखे युवाओं को पकौड़ा योजना के तहत नया रोजगार देने के लिए हम केंद्र सरकार का धन्यवाद करते है | और साथ ही यह अपील करते है की देश में राष्ट्रीय रोजगार नीति जल्द ही लागू की जाए ताकि भारत के प्रोफेशनल युवाओं के लिए केवल पकोड़ा तलना ही एकमात्र रोजगार न रह जाए |

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