===========================छत्तीसगढ़ के आदिवासी जिला जशपुर के बागबहार तहसील मुख्यालय से दिनांक 24/08/2022 को राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा,मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती के मुख्य उपस्थिति और प्रदेश सचिव जयप्रकाश सिंह पॉर्ते,संभागीय प्रभारी सतपाल दास महंत,संभागीय सचिव हलीम खान ,जिला संयोजक अनिल परहा,ब्लाक अध्यक्ष सूमत साय पैकरा,संभागीय अध्यक्ष कमलेश सनमानी के संयुक्त नेतृत्व में मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा,रिपब्लिक इंडिया जनांदोलन,ट्राईबल पार्टी एवं अनेकों संगठनों के राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा तत्वावधान में एक दिवसीय प्रदर्शन आंदोलन जातिभेद,लिंगभेद,पूंजीवाद,छुआछूत ,अन्याय और शोषण से मुक्त छत्तीसगढ़ को विशेष आदर्श राज्य बनाने ,सभी जरूरतमंद बेरोजगारों को न्यूनतम 25000/रू और योग्यतानुसार अधिकतम 250000/रू का रोजगार तथा आम जनता को पौष्टिक भोजन ,शिक्षा,चिकित्सा ,पक्के मकान, जैसे बुनियादी अधिकारों की गारंटी,राष्ट्रीय संस्थानों और बड़े उद्योगों का निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने,राजस्थान के नाबालिग इन्द्र मेघवाल की छुआछूत के कारण की गई हत्या के अपराधी सवर्ण शिक्षक को फासी और मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए के साथ सरकारी नौकरी देने जैसी पांच सूत्रीय मांगो का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम भेजा गया। आंदोलन के आक्रामक रुख को देखते हुए पूरे तहसील कार्यालय पर ताला लगाकर तहसीलदार सहित सभी कर्मचारी ही नदारत रहे ।जिसके कारण कोई ज्ञापन लेने के लिए ही उपस्थित नहीं रहा।इसलिए पोस्ट ऑफिस से ही फिलहाल भेजा गया।
आंदोलन सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि अंग्रेजों से आजादी के अमृत महोत्सव मानने की जबरदस्ती करने वाले भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार द्वारा ने अपने 8साल की सरकार में भारत देश की जनता को जिस तरह बेरहमी के साथ हिन्दू राष्ट्रवाद के नाम पर लूटा इसका 1% भी अंग्रेजो ने अपने 200 वर्षों में नहीं लूट पाए होंगे।हम भारत देश के पिछले 4000 वर्षों पूर्व भारत देश में विदेशों से आए उन्ही विदेशी हमलावर शैतानों की औलादों को ढूंढ रहे थे जिन्होंने भारत देश में जातिभेद,लिंगभेद,पूंजीवाद और छुआछूत फैलाकर भारतवासी मूलनिवासी समाज के लोगों को गुलाम और लाचार बनाकर धर्म की आड़ में ठगने का काम किया है आज वो गटर के बिलबिला ते कीड़ों की तरह खुलकर सामने दिखाई पड़ते जा रहे हैं।यह हमारे द्वारा चलाए गए 40 वर्षों के बहुजन मूलनिवासी आंदोलन की सबसे बडी उपलब्धी है।हमारे वैज्ञानिकों उन उन विदेशी यूरेशियन कातिलों का पता लगा लिया है जो आज भी मुश्किल से 1% ही हैं जिनको 4% हमारे ही भारतवासी मूलनिवासी समाज के लालची, दलाल ,अज्ञानी, और असामाजिक तत्व टांगी का बेट बनकर अपने ही भारत देश और समाज को गुलाम और लाचार बनाने की साजिशों में सामिल दिखाई पड़ते हैं। यही कारण है चाल ,चरित्र और चेहरे की बाते करने वाली भाजपा अब महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोंडसे और महिलाओं के साथ जघन्य अपराध और बलात्कार करने वाले,देश के लुटेरे जमाखोरों पूंजीवादीयों,काला बाजारियो और खंडित राष्ट्रवादी आतंकवादी अपराधियों के साथ झंडे लेकर खड़े दिखाई पड़ती है।भारतीय जनता पार्टी वाली केंद्र की केंद्र सरकार को कांग्रेस या कई पार्टियां मिलकर भी इसलिए नहीं हरा पा रही है क्योंकि जिस तरह कुत्तों के हाथ मटन, बिल्लियों के हाथ दूध और चोरों के हाथ चौकीदारी का काम लोग सौंप खुद ही सौंप दें तो क्या होगा ..?इसी तरह सोच लो कि बेरोजगारी,महगांई जातिवाद,पूंजीवाद ,छुआछूत फैलाने वाले भाजपा को हिंदुत्व के नाम पर लोग यदि इनको वोट देकर जिताते रहे तो क्या होगा ..? इसलिए लोग अब भाजपा के हिन्दूत्व को तेजी से समझ रहे हैं और इसके खिलाफ राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा के द्वारा चलाए जा रहे जनांदोलन के साथ बड़ी संख्या में जुड़ते जा रहे हैं। भाजपा के मानवता विरोधी और संविधान विरोधी रवैए के कारण उसे सबक सिखाने 2023 के चुनाव में छत्तीसगढ़ से भाजपा मुक्त सरकार गठन करने के लिए सभी छत्तीसगढ़ियों और देशवासियों को आव्वाहन कर रहे हैं कि खंडित हिन्दू राष्ट्रवाद की समर्थक और लोकतंत्र विरोधी भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा द्वारा किए जा रहे विराट जनांदोलन को कामयाब करने के लिए अपनी एकता और जागरूकता का परिचय देवें।इस प्रदर्शन में मोर्चा के समर्थक कई पदाधिकारी कार्यकर्ताओं में मुख्य रूप से सुनील कुमार खलको,जयकुमार,सुरेश कुमार,विजय कुमार,राम प्रसाद,सावियार साय,मीना कुमारी,श्याम सुंदर साय,बलभद्र सिंह,जयराम,संतोष दास,बिंदिया परहा के साथ ग्रामीण लोग पहुंचे थे।

