*ढाई बजे से पहले ही लगा मिला ताला, तिरंगा रैली के नाम पर समय से पहले स्कूल बंद*
*बुद्धप्रकाश बौद्ध*
(मूकनायक जिला ब्यूरो चीफ भिण्ड)
दबोह । प्रदेश सरकार भले ही स्कूलों में बेहतर शिक्षा को लेकर योजनाएं लागू करे, किन्तु इन शासकीय स्कूलों में तैनात शिक्षक योजनाओं को पलीता लगाने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
स्कूलों में तैनात शिक्षकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक यदि स्कूल से गायब रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे बदलेगा। स्कूलों में तैनात शिक्षक विद्यालय अवधि में उपस्थिति रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर करके स्कूल से गायब हो जाते हैं।
ऐसा ही मामला लहार ब्लॉक के ग्राम बरथरा के शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय का सामने आया है। जहाँ शिक्षक ढाई बजने से पहले ही स्कूल से गायब हो गए । और तिरंगा रैली के बहाने स्कूल में ताला जड़कर घर को चले गए। जिससे इसमें शिक्षकों की लापरवाही साफ तौर पर सामने दिखाई दे रही है।
*स्कूल में नहीं होती पढ़ाई, टीचर आपसे में करते हैं गपशप*
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में कुछ टीचर आए थे , लेकिन बच्चों को साथ लेकर तिरंगा रैली निकाली। और इसके बाद ताला लगाकर स्कूल से गायब हो गए। गौरतलब है कि सरकारी विद्यालयों के खुलने का समय सुबह 10:30 बजे का है तथा बंद होने का समय शाम 4:30 बजे का है। परंतु सरकारी शिक्षक शासन को ठेंगा दिखाते हुए समय से पहले ही अपनी मनमर्जी से स्कूल में ताला लगाकर घर को रवाना हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चे स्कूल जाते हैं लेकिन थोड़ा बहुत बैठाकर उन्हें विद्यालय से चलता कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने ये भी कहा कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया जाता है। जिससे ये स्थिति निर्मित होती है। यदि बच्चों का टेस्ट लिया जाए तो सबकी कलई खुल जाएगी। और स्कूल के मास्टर आपस में बैठकर गपशप करते हैं पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं देता है। और 2 या 3 बजते ही स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।
*हैडमास्टर को नहीं स्कूल बंद की जानकारी*
जब इस संबंध में स्कूल के हैडमास्टर कुजूर से फोन पर बात की गई । तो उन्होंने बताया कि मैं लहार एसडीएम द्वारा बुलाई गई बैठक में हूँ। मुझे स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं है।

