Thursday, February 26, 2026
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अंग्रेजों से आजादी एक झांकी है असली आजादी अभी बाकी है

========================भारत देश को 200 साल पूर्व आए विदेशी अंग्रेजों से 15अगस्त 1947 को मिली आजादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक बधाई के साथ ही जिस जातिभेद,लिंग भेद,पूंजीवाद और छुआछूत जैसी धैतानियत को धर्म मानने के कारण हजारों वर्षों तक भारत देश पिछले 4000 वर्षों तक किसी ना किसी विदेशी आक्रांताओं का गुलाम बनते रहा आज भी उस शैतनियात को हिन्दू राष्ट्रवाद के नाम पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आम जनता पर गुंडागर्दी और आतंकवाद के सहारे थोपने पर आमादा हो चुकी है।भारत के महान राष्ट्रीय संस्थानों ,बड़े उद्योगों और सार्वजनिक संपत्तियों को बहुत ही तेजी के साथ कोरोना , लॉक डाउन जैसी परिस्थितियों की आड़ में सुनियोजित तरीको से राज्य आतंकवाद फैलाकर देश के कुछ लुटेरे पूंजी वादियों को हड़बड़ी में बेचने पर आमादा हो चुके हैं।
भारत देश में हजारों वर्षों से आए विदेशी हो या शरणार्थी और भारत देश के मूलनिवासी सभी जाती वर्गो ने मिलकर भारत देश को अंग्रेजों से 15 अगस्त 1947 के दिन आजादी हासिल करके 26 जनवरी 1950 को भारत देश का समता,स्वतंत्रता,बंधुत्व और न्याय पर आधारित महानतम संविधान स्वीकार कर लिया किन्तु अब इस आजादी के 75 वर्षों के अमृत महोत्सव काल में अब उसी जातिवाद,पूंजीवाद,लिंगभेद और छुआछूत की बेड़ियों को हिन्दू राष्ट्रवाद बनाकर थोपना यह साबित करता है कि भारत की जनता की असली आजादी अभी बाकी है जिसे हासिल करने का संकल्प सभी वर्गों के लोगों सहित 95% भारत देश की महिलाओं और मेहनतकश मूलनिवासी समाज को लेना होगा।इसलिए हमने आजादी के इस अमृत महोत्सव में देश की जनता को तरबूज और चाकू के सनातन धर्म के महोत्सव में याद करवाने के लिए नारा दिया है कि..”अंग्रेजों से आजादी एक झांकी है, असली आजादी अभी बाकी है।”

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