Thursday, February 26, 2026
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सुप्रीम कोर्ट के जजों को धमकाने वाले राष्ट्रद्रोहियों पर कड़ी कार्रवाई हो.

महिलाओं के नाम पर कलंक भाजपा की दंगाई नूपुर शर्मा को बचाने के लिए न्यायप्रिय सुप्रीम कोर्ट के जजों को धमकाने वाले राष्ट्रद्रोहियों पर कड़ी कार्रवाई करे सरकार और समाज.
गोपाल ऋषिकर भारती
===========================सामाजिक संगठन मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा के संयोजक गोपाल ऋषिकर भारती ने हिन्दू मुसलमानों और जाती पाती के बीच दंगा और नफरत फैलाने वाली सत्ता की हवस में चूर कुछ नेताओ की चापलूसी करने वाली भाजपा की नेत्री नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट के सम्माननीय जजों सूर्यकांत और जे बी पर्डिवाला द्वारा देश के माहौल को बिगाड़ने वाली प्रमुख दोषी वाली टिप्पणी करने के कारण भारतीय जनता पार्टी और उनके देशद्रोही सत्ता के दलालों द्वारा बहुत ही बौखलाहट का प्रदर्शन किया जा रहा है।यहां तक देश के पूर्व 15 पूर्व जजों,77 नौकरशाहों और 25 सेना के पूर्व अधिकारियों ने खुलकर सुप्रीम कोर्ट के जजों सूर्यकांत और जे बी पार्डिवाला के खिलाफ लक्ष्मण रेखा पार करने वाली टिप्पणी बताया और इतिहास में ऐसी टिप्पणी को अनोखी बताया।भारत के कानून और संविधान के खिलाफ राम और लक्ष्मण की रेखा पर चलने वाले इन जातिवादी तत्वों को बताना चाहिए कि भाजपा के नेताओं की काली करतूतों को बचाने कब तक ये भारत देश की एकता और अखंडता को भी खतरे में डालते रहेंगे.? उन्होंने इस तरह की चापलूसी भरी बयानबाजी केवल सत्ता और धन लालसा के लिए ही किया है।भारत निर्दोष हिंदू, मुसलमानों को सांप्रदायिकता की नफरत फैलाकर नूपुर शर्मा जैसे लोग जिस तरह समाज का अपराधीकरण करने पर तुले है इनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों द्वारा की गई टिप्पणी से देश भर में गोंडसेवादी आतंकवादियों का देश भर में आतंक पर पहली बार चोट किसी महायोद्धाओं ने की है। जिनका देश भर में नागरिक अभिनंदन होना चाहिए खासकर संविधान की शपथ लेने वाली मोदी सरकार को इस मसले पर अब बड़ा निर्णय लेना ही चाहिए ताकि सारी दुनिया में भारत देश की जो छवि खराब हो रही है उसपर सुधार किया जाए साथ ही भारत देश के मुसलमानों , अल्पसंख्यकों और अन्य कमजोर वर्गो को हर हाल में लगाना चाहिए कि भारत के संविधान में सबका साथ सबका विकास के आदर्श अभी जिंदा हैं और चोरों के खिलाफ न्याय जरूर होगा।
राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा नूपुर शर्मा की हैवानियत के खिलाफ की गई टिप्पणियों का ना केवल स्वागत करता है बल्कि अब इतनी गंभीर टिप्पणियों के अनुसार भारत देश की इस दंगाई महिला को गंभीर सजा माफी की बजाय फांसी देने की मांग सुप्रीम कोर्ट से करता है।क्योंकि यदि वो सुप्रीम कोर्ट की दृष्टि में दंगा,और हत्याएं करवाने वाली मुख्य आरोपी है तो उसे फांसी की सजा जरूर ही मिलनी चाहिए।

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